Industrial Growth Rising : कोरोना महामारी के जूझती भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी खबर है। नेशनल स्टैटिक्स ऑफिस (NSO) ने जुलाई के लिए IIP (इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन इंडेक्स) का आंकड़ा जारी किया गया है। इसके मुताबिक जुलाई महीने में इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन में सालाना ग्रोथ के आधार पर 11.5 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। आपको बता दें कि जुलाई 2020 में इसमें 10.50 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी। NSO एनएसओ की रिपोर्ट के मुताबिक महीने के आधार पर भी औद्योगिक उत्पादन में 7.2 फीसदी की तेजी दर्ज की गई है। जून में महीनावार आधार पर महज 5.7 फीसदी की तेजी दर्ज की गई थी। सालाना आधार पर जून में भी IIP में 13.60 फीसदी की तेजी रही थी।

क्या होता है IIP?

आपको बता दें कि औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) का किसी भी देश की अर्थव्यवस्था में खास महत्व होता है। इससे पता चलता है कि उस देश की अर्थव्यवस्था में औद्योगिक वृद्धि किस गति से हो रही है। आईआईपी के अनुमान के लिए 15 एजेंसियों से आंकड़े जुटाए जाते हैं.इनमें डिपार्टमेंट ऑफ इंडस्ट्रियल पॉलिसी एंड प्रमोशन, इंडियन ब्यूरो ऑफ माइंस, सेंट्रल स्टेटिस्टिकल आर्गेनाइजेशन और सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी शामिल हैं। किसी उत्पाद के इसमें शामिल किए जाने के लिए प्रमुख शर्त यह है कि वस्तु के उत्पादन के वक्त उसके उत्पादन का कुल मूल्य कम से कम 80 करोड़ रुपए होना चाहिए।

क्या है इंडस्ट्री का मूड?

विशेषज्ञों के मुताबिक देश के मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज सेक्टर में आर्थिक सुस्ती का दौर जारी है। प्राइवेट प्लेयर्स अभी भी देश में इन्वेस्टमेंट करने से झिझक रहे हैं। कई सेक्टर्स की कंपनियों में छंटनी भी हो रही है। वैसे, NSO की रिपोर्ट के मुताबिक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर आउटपुट में भी 10.50 फीसदी की तेजी दर्ज की गई है। वहीं, माइनिंग आउटपुट में 19.50 फीसदी और पावर जेनरेशन में 11.10 फीसदी की तेजी दर्ज की गई है। चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-जुलाई के दौरान इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन 34.10 फीसदी रहा। जबकि 2020 में अप्रैल-जुलाई के दौरान IIP में 29.30 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी।

Posted By: Shailendra Kumar