नई दिल्ली। देश की दूसरी सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी इंफोसिस के कुछ गुमनाम कर्मचारियों ने कंपनी के सीईओ सलील पारेख और मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) निलांजन रॉय पर गड़बड़ी करने का आरोप लगाया है। इन कर्मचारियों का कहना है कि पिछली कुछ तिमाहियों से ये अधिकारी गलत गतिविधियों में लिप्त हैं।

इंफोसिस की तरफ से सोमवार को कहा गया कि whistleblower की वह शिकायत ऑडिट कमेटी के पास भेज दी गई है, जिसके मुताबिक कंपनी शॉर्ट टर्म आय और मुनाफा बढ़ाने के लिए अनैतिक कदम उठा रही है। इंफोसिस की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया, 'कंपनी के तौर-तरीकों के हिसाब से whistleblower की शिकायत ऑडिट कमेटी को भेज दी गई है। इसका निराकरण कंपनी की whistleblower पॉलिसी के हिसाब से किया जाएगा।'

एक रिपोर्ट के मुताबिक एक गुमनाम ह्विसलब्लोअर ने 'एथिकल एंप्लॉइज' के नाम से 20 सितंबर को निदेशक मंडल (बोर्ड) को दो पेज का पत्र भेजा था। इसमें लिखा है, 'पारेख और रॉय पिछली कई तिमाहियों से कंपनी में कुछ गड़बड़ी कर रहे हैं। इसके सबूत के तौर पर उनके ईमेल और वॉयस रिकॉर्डिंग भेजा जा रहा है।'

अमेरिका के whistleblower प्रोटेक्शन प्रोग्राम को भी लिखी चिट्ठी

whistleblower ने एथिकल एंप्लॉइज की तरफ से 3 अक्टूबर को अमेरिका के ह्वीस्लब्लोअर प्रोटेक्शन प्रोग्राम को पत्र लिखकर बताया कि अप्रैल 2019 से सितंबर 2019 तक इंफोसिस की बैलेंसशीट्स में अकाउंटिंग से जुड़ी गड़बड़ियां की गई हैं। पत्र में लिखा गया है, 'ऑडिटरों और कंपनी के बोर्ड से अहम जानकारियां छिपाई गईं। वेरिजॉन, इंटेल और जापान में संयुक्त उपक्रम जैसी जो बड़ी डील हुई हैं, उनमें आय की जानकारी अकाउंटिंग स्टैंडर्ड के मुताबिक नहीं थी।' कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें यह निर्देश दिया गया था कि वे ऑडिटरों को बड़ी डील की जानकारी न दें।

Posted By: Nai Dunia News Network