भारत- स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक, इंडिया और सेवा फाउंडेशन ने एक नई पहल - Envision (एनविज़न) के माध्यम से भारत में कम सुविधाओं वाले समुदायों में 40 लोगों की आंखों की देखभाल के लिए महत्वपूर्ण पहुंच बनाने के लिए भागीदारी की है। दोनों संगठन साझेदार अस्पतालों के साथ भारत के नौ राज्यों - गुजरात, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल में 65 नए विजन सेंटर (दृष्टि केंद्र) स्थापित करेंगे।

Envision के तहत, उन क्षेत्रों में विजन सेंटर स्थापित किए जाएंगे, जहां के लोगों में आंखों की देखभाल तक पहुंच नहीं है, जिससे देश में सार्वभौमिक नेत्र स्वास्थ्य कवरेज देने की क्षमता का विस्तार होगा। ये नए विजन सेंटर दिसंबर 2024 तक 15 प्रमुख नेत्र देखभाल प्रदाताओं द्वारा स्थापित किए जाएंगे और सामूहिक रूप से 400,000 नेत्र परीक्षण, 67,000 चश्मा और 16,000 नेत्र शल्य चिकित्सा प्रदान करेंगे।

विजन सेंटर स्थानीय और स्थायी संस्थान हैं जो महिलाओं और बच्चों सहित कम सुविधा वाले समुदायों को नेत्र देखभाल सेवाओं तक पहुंच प्रदान करते हैं। वे सभी केंद्र आंखों की देखभाल की 80% जरूरतों को पूरा करने के लिए सुसज्जित हैं और गंभीर मामलों के लिए मरीजों को नजदीकी अस्पतालों में भेज सकते हैं। इन केंद्रों पर कर्मचारियों की भर्ती की जाती है और उन्हें स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित किया जाता है, जिससे रोजगार के अवसर पैदा होते हैं।

करुणा भाटिया, हेड - सस्टेनेबिलिटी, इंडिया, स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक ने कहा, "सेवा फाउंडेशन के साथ हमारे सहयोग से हम उन लोगों को महत्वपूर्ण नेत्र देखभाल प्रदान करने का प्रयास करते हैं, जिनके पास आसान पहुंच नहीं है और वे इस उपचार का खर्च उठाने में सक्षम नहीं हैं। Envision के माध्यम से हम देश भर में अधिक समुदायों के लिए परिहार्य अंधेपन से निपटने और नेत्र स्वास्थ्य सुविधाओं को सुलभ बनाने की बैंक की 'सीइंग इज बिलीविंग' पहल के तहत अपने दृष्टिकोण को साकार करने में मदद करने के लिए हम बुनियादी ढांचे और प्रणालियों की स्थापना करेंगे। अब तक हमारे सीइंग इज बिलीविंग प्रोग्राम के तहत, बैंक भारत में 1.40 करोड़ लोगों तक पहुंच चुका है, 22 राज्यों में 265 विज़न केंद्रों के हमारे मौजूदा नेटवर्क के माध्यम से 25.08 लाख मोतियाबिंद सर्जरी की है।

सेवा फाउंडेशन में भारत और बांग्लादेश के कार्यक्रम प्रबंधक कुलदीप सिंह ने कहा, “यह पहल देश में जमीनी स्तर पर प्राथमिक देखभाल वितरण मॉडल को बनाने और मजबूत करने के लिए सेवा फाउंडेशन की प्रतिबद्धता को उजागर करती है। भारत में अनुमानित 27 करोड़ लोग दृष्टि बाधता के साथ हैं और उनमें से 80% का प्राथमिक नेत्र देखभाल विजन सेंटर में इलाज किया जा सकता है। खराब नेत्र स्वास्थ्य भारतीय अर्थव्यवस्था पर सकल घरेलू उत्पाद के 0.57% (1,158 अरब रुपये) के बराबर एक गैर-जरूरी लागत का बोझ बढ़ाता है, जो देश की विकास आकांक्षाओं में महत्वपूर्ण बाधा है।”

Posted By: Navodit Saktawat

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