अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी मूडीज (Moodys) ने मंगलवार को भारत की सॉवरेन रेटिंग की पुष्टि की और अर्थव्यवस्था और फाइनेंशियल सिस्टम में गिरावट के जोखिम का हवाला देते हुए देश के आउटलुक को "नेगेटिव" से "स्टेबल" कर दिया। इसने बयान में कहा, "मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने भारत सरकार की रेटिंग को लेकर आउटलुक को नेगेटिव से स्टेबल कर दिया है। देश की फॉरेन करेंसी और लोकल-करेंसी लॉन्ग टर्म जारीकर्ता रेटिंग और Baa3 पर लोकल-करेंसी सीनियर अनसिक्योर्ड रेटिंग की पुष्टि की।" रेटिंग एजेंसी ने कहा, ‘‘बेहतर पूंजी और नकदी की अच्छी स्थिति से बैंक तथा गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थानों के स्तर पर जोखिम, पूर्व के अनुमान के मुकाबले कम हुए हैं।’’

एजेंसी का कहना है, ‘‘ अधिक कर्ज बोझ और ऋण वहन को लेकर कमजोर स्थिति के चलते जोखिम बना हुआ है। लेकिन मूडीज को उम्मीद है कि आर्थिक परिवेश अगले कुछ वर्षों में केंद्र एवं राज्यों सरकारों के राजकोषीय घाटे को धीरे-धीरे कम करने में मददगार होगा। इससे सरकारी साख में और गिरावट को रोका जा सकेगा।’’

आउटलुक को स्टेबल में बदलने का मतलब है कि वास्तविक अर्थव्यवस्था और फाइनेंशियल सिस्टम के बीच मिले नेगेटिव फीडबैक में डाउनसाइड रिस्क कम हो रहे हैं। हाई कैपिटल कुशन और ज्यादा लिक्विडिटी के साथ, बैंक और नॉन-बैंक फाइनेंशियल संस्थान मूडीज के पहले अनुमान की तुलना में सॉवरेन के लिए बहुत कम जोखिम रखते हैं।

आपको बता दें कि मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने पिछले साल भारत की सॉवरेन रेटिंग को "Baa2" से घटाकर "Baa3" कर दिया था, ये कहते हुए कि कम विकास की निरंतर अवधि और बिगड़ती राजकोषीय स्थिति के जोखिमों को कम करने के लिए नीतियों को लागू करने में चुनौतियां होंगी। मूडीज की सॉवरेन रेटिंग "Baa3" सबसे निचली इन्वेस्टमेंट ग्रेड है, जो जंक स्टेटस से सिर्फ एक पायदान ऊपर है। साथ ही रेटिंग पर आउटलुक नेगेटिव था।

Posted By: Shailendra Kumar