नई दिल्ली। जेट एयरवेज को लोन देने वाले बैंकों ने कंपनी में हिस्सेदारी बेचने की बोली प्रक्रिया सफल होने की उम्मीद जताई है। कमजोर माली हालत से जूझ रही विमानन कंपनी ने सेवाएं अस्थायी तौर पर बंद कर दी हैं। अब इसके लाइसेंस पर खतरा मंडरा रहा है।

गुरुवार को शेयर बाजार खुलने से पहले बैंकों ने बोली प्रक्रिया सफल होने की उम्मीद जताई। बैंकों ने एक बयान जारी करके कहा, 'काफी विचार-विमर्श के बाद हमने तय किया कि जेट एयरवेज के अस्तित्व को बचाने का सबसे

अच्छा तरीका संभावित निवेशकों से पक्की बोलियां प्राप्त करना है, जिन्होंने ईओआई (रुचि पत्र) जमा कराया है और जिन्हें 16 अप्रैल को बोली दस्तावेज जारी किए गए थे।' बावजूद इसके जेट एयरवेज का शेयर 32 फीसदी से ज्यादा गिर गया।

भारतीय स्टेट बैंक के नेतृत्व में 26 कर्जदाताओं के एक संघ ने संभावित निवेशकों से बोलियां मंगवाई हैं। बुधवार को बैंकों के इस समूह की तरफ से 400 करोड़ रुपए की त्वरित कर्ज सहायता उपलब्ध कराने से इनकार किए जाने के बाद कंपनी ने कुछ समय के लिए सेवाएं बंद करने की घोषणा की थी।

डीजीसीए ने मांगा रिवाइवल प्लान

नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने गुरुवार को जेट एयरवेज को ठोस और विश्वसनीय रिवाइवल (पुनरोद्घार) स्कीम पेश करने के लिए कहा है। डीजीसीए ने नियामकीय दायरे में रहते हुए एयरलाइन की मदद का भी भरोसा दिलाया है। महानिदेशालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि नियामक संबद्घ नियमनों के तहत प्रक्रिया पूरी करते हुए कदम उठाएगा।

एयर इंडिया की नजर जेट के 5 विमानों पर

इस बीच सार्वजनिक क्षेत्र की एयर इंडिया, जेट एयरवेज के खाली बड़े चौड़ी बॉडी वाले 4-5 बोइंग 777 विमानों को खरीदना चाहती है। इसके लिए कंपनी जेट एयरवेज के प्रमुख लेनदार एसबीआई के साथ बातचीत करेगी। इन विमानों को खरीदने के लिए एयर इंडिया को खाड़ी देश और ब्रिटेन समेत विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर मांग में आई तेजी को पूरा करने में मदद मिलेगी।

जेट एयरवेज की फ्लीट में 10 बोइंग 777 विमान हैं, जिनका इस्तेमाल कंपनी यूरोप और उत्तरी अमेरिका के लोकप्रिय गंतव्यों के अलावा समूचे अंतरराष्ट्रीय परिचालन में करती रही है। विमानन उद्योग के एक सूत्र ने बताया, 'एयर इंडिया ने कुछ बोइंग 777 को पट्टे पर लेने में रुचि दिखाई है और प्रारंभिक प्रस्ताव दे दिया गया है।' लेकिन इस मामले पर प्रतिक्रिया के लिए एसबीआई के प्रवक्ता से बात नहीं हो पाई।

किराया तेजी से बढ़ा

जेट एयरवेज का परिचालन स्थगित होने के बाद मुंबई-लंदन समेत लगभग सभी विदेशी मार्गों पर हवाई यात्रा का किराया तेजी से बढ़ा है ।एयर इंडिया क्षमता बढ़ाकर इन मार्गों पर बढ़े ट्रैफिक का दोहन करना चाहती है।