नई दिल्ली। जेट एयरवेज के लिए हिंदुजा समूह ने बोली लगाने की मंशा जताई है। समूह का कहना है कि उसकी बोली को जेट के पूर्व चेयरमैन नरेश गोयल का समर्थन प्राप्त है।

जेट के लिए बोली लगाने से पहले समूह ने एसबीआइ की अगुवाई वाले कर्जदाताओं के समूह से जेट के कुल 12 हजार करोड़ रुपये के कर्ज के पुनर्गठन का अनुरोध किया है।

मंगलवार को नई दिल्ली में राजीव गांधी भवन स्थित विमानन मंत्रालय के दफ्तर के बाहर प्रजेट के सैकड़ों कर्मचारियों ने दर्शन में हिस्सा लिया। जेट एयरवेज की उड़ानें 17 अप्रैल से बंद चल रही हैं। इसके अधिकारी इस्तीफा दे चुके हैं।

छह महीने से वेतन न मिलने से निराश पायलटों, इंजीनियरों और कर्मचारियों ने दूसरी एयरलाइनें या अन्य कंपनियां ज्वाइन कर ली हैं या कर रहे हैं। विमान उड़ाने वाले दो दर्जन पायलट टर्किश, कोरियन, कतर और रवांडा एयर जैसी विदेशी एयरलाइनों में चले गए हैं।

लगभग तीन दर्जन पायलटों को इंडिगो और स्पाइसजेट में काम मिल गया है। हजारों कर्मचारी अभी भी जेट के पुनरुद्धार की उम्मीद में हैं और यूनियनों के साथ मिलकर सरकार के रुख के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं।

मंगलवार को उनका प्रदर्शन जेट के स्लॉट/रूट प्रतिस्पर्द्धी एयरलाइनों को दिए जाने के खिलाफ था। सरकार ने विमान यात्रियों को असुविधा से बचाने के लिए जेट के घरेलू रूटों में से ज्यादातर रूट स्पाइसजेट को, जबकि अंतरराष्ट्रीय रूटों में ज्यादातर एयर इंडिया को अस्थायी रूप से दे दिए हैं।