नई दिल्ली। गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रही जेट एयरवेट की हालत दिन पर दिन खराब होती जा रही है। यही वजह है कि जेट के गंभीर वित्तीय संकट की वजह से यात्रियों की हो रही फजीहत के बाद सरकार हरकत में आ गई है। शुक्रवार को जेट एयरवेज ने अपनी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें अगले सप्ताह सोमवार तक रद्द करने का फैसला किया। कंपनी की अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द होने के बाद यात्रियों की शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने इस मामले पर तत्काल एक इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है।

माना जाता है कि सरकार संकट के फौरी समाधान के तौर पर एक अन्य प्राइवेट एयरलाइन कंपनी स्पाइसजेट को 16 बोइंग 737-800 एनजी विमानों को ड्राई लीज पर लेने की अनुमति प्रदान कर सकती है। जेट एयरवेज के संकट को अब तक एयरलाइन की व्यक्तिगत समस्या मानती आ रही सरकार को आखिरकार शुक्रवार को इसकी गंभीरता का अहसास हुआ।

गुरुवार को जेट की अंतरराष्ट्रीय उड़ाने रद्द होने से सैकड़ों यात्रियों जिनमें विदेशी यात्री भी शामिल थे ने सोशल मीडिया पर अपनी मुश्किलें बतानी शुरू कीं। शुक्रवार को घरेलू यात्रियों ने भी सरकार से हस्तक्षेप की मांग की।

इस पर दिन में विमानन मंत्री सुरेश प्रभु ने ट्वीट कर भरोसा दिया कि उन्होंने विमानन सचिव से बैठक कर मसले का समाधान तलाशने को कहा है। लेकिन जब बात नहीं बनी तो दोपहर तक PMO ऑफिस ने शाम को विमानन मंत्रालय के अधिकारियों समेत सभी पक्षकारों की एक आपात बैठक बुलाई।

इससे पहले यात्रियों की दिक्कत दूर करने के लिए सरकार ने गुरुवार को को दूसरी एयरलाइन कंपनियों से अपनी उड़ानों की संख्या बढ़ाने को कहा था। लेकिन ज्यादातर कंपनियों ने बोइंग मैक्स और एयरबस नियो विमानों के साथ चल रही तकनीकी दिक्कतों और विमानों की कमी को वजह बताते हुए फ्लाइट्स बढ़ाने में असमर्थता जताई। ऐसे में तत्काल कुछ नए विमान लीज पर लेकर परिचालन बढ़ाने का स्पाइसजेट का प्रस्ताव सरकार को पसंद आया है।

स्पाइसजेट ने सरकार से 16 नए बोइंग 737-800 एनजी विमानों को ड्राई लीज पर लेने की अनुमति मांगी है। सूत्रों के मुताबिक सरकार शीघ्र ऐसी अनुमति दे देगी तथा अगले 10-12 दिनों में ये विमान भारत आ जाएंगे। 10 मार्च को इथोपियन एयरलाइंस हादसे के बाद से स्पाइसजेट के 12 बोइंग-737 मैक्स विमानों का उड़ानों में इस्तेमाल नहीं हो रहा है। अब इनकी भरपाई के लिए DGCA उसे 16 बोइंग 737-800 एनजी विमानों का ड्राई लीज पर आयात करने के लिए एनओसी देगा।

हालात की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस समय जेट एयरवेज के 119 विमानों में से केवल 11 विमान ही डोमेस्टिक फ्लाइट्स के लिए इस्तेमाल हो रहे हैं। DGCA के मुताबिक इन विमानों से रोजाना मात्र औसतन 50 घरेलू उड़ानें संचालित हो पा रही हैं।