मुंबई। संकटग्रस्त जेट एयरवेज के बाकी बचे दो और निदेशकों ने इस्तीफा दे दिया है। कंपनी को कर्जदाता बैंक एनसीएलटी में लेकर जा रहे हैं। इन सबके बीच कंपनी के शेयर में मंगलवार को 41 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।

एयरलाइंस के दो बाकी दो निदेशकों- अशोक चावला और शरद शर्मा ने भी कंपनी के बोर्ड से इस्तीफा दे दिया है। कंपनी का शेयर मंगलवार को बीएसई पर 40.70 फीसदी गिरकर 40.50 रुपए पर बंद हुआ।

जेट एयरवेज ने मंगलवार को शेयर बाजार को दी गई नियामकीय सूचना में कहा, 'हम आपको इस बात की जानकारी दे रहे हैं कि अशोक शर्मा और शर्मा ने कंपनी के स्वतंत्र निदेशक के पद से इस्तीफा दे दिया है, जो 17 जून से प्रभावी हो गया है।

बोर्ड कंपनी कानून के प्रावधानों का अनुपालन नहीं कर रहा है, जिसके मद्देनजर कोई अतिरिक्त निदेशक की नियुक्ति नहीं होने जा रही है और कर्जदाता बैंकों के नेतृत्व में रेजॉल्यूशन प्लान को आगे नहीं बढ़ाया जा रहा है।'

भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की अगुआई वाली बैंकों के समूह ने सोमवार को कहा, 'हमने आईबीसी के तहत इसका हल निकालने का फैसला किया है, क्योंकि इसके लिए केवल एक सशर्त बोली प्राप्त हुई और सेबी से निवेशकों के छूट के लिए और सभी लेनदारों की समस्या का समाधान आईबीसी के तहत ही संभव है।'

विमानन कंपनी पर 8,500 करोड़ रुपए का कर्ज है और इसकी कुल देनदारी 25 हजार करोड़ रुपए है। जेट एयरवेज ने खराब वित्तीय हालत के बाद 17 अप्रैल को अपने सभी संचालन को बंद कर दिया था।