HDFC Hikes Rate: भारत के सबसे बड़े प्राइवेट सेक्टर बैंक एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) ने दो महीने में दूसरी बार ब्याज दरों (Interest Rate) में बढ़ोतरी का एलान किया है। बैंक ने मंगलवार को बताया कि मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लैंडिंग रेट (MCLR) को 35 बेसिस प्वाइंट तक बढ़ा दिया गया है। आपको बता दें कि MCLR रेट किसी भी प्रकार के लोन (होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन) के लिए ब्याज दर तय करने का न्यूनतम आधार होता है। यानी बैंक इससे कम रेट पर लोन ऑफर नहीं करता। HDFC Bank ने इन्हीं दरों में 35 बेसिस प्वाइंट यानी 0.35 फीसदी की बढ़ोतरी की है। MCLR दर में वृद्धि का मतलब ये है कि नए और मौजूदा लोन ग्राहकों के लिए कर्ज महंगा हो जाएगा। उनकी कार लोन, होम लोन, पर्सनल लोन की EMI भी बढ़ जाएगी।

इसी कड़ी में केनरा बैंक (Canara Bank) और करुर वैश्य बैंक (Karur vysya Bank) ने भी अपनी ब्याज दरों (Interest Rate Hike) में इजाफा किया है। केनरा बैंक ने बताया कि नई ब्याज दरें सात जून से प्रभावी हैं। केनरा बैंक ने मार्जिन कॉस्ट ऑफ लेंडिंग रेट्स (MCLR) में 0.05 फीसदी का इजाफा किया है। वहीं,करुर वैश्य बैंक ने बेंचमार्क प्राइम लेंडिंग रेट्स (BPLR) को 0.40 फीसदी बढ़ाया है। इसकी वजह से सभी तरह के लोन में EMI में बढ़ोतरी होगी।

क्यों बढ़ रही हैं दरें?

दरअसल सोमवार से रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति की बैठक चल रही है। जानकारी के मुताबिक बुधवार को इस बैठक के नतीजों की घोषणा की जाएगी। पिछली बार की बैठक में आरबीआई ने रेपो रेट में 40 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की थी। इसके बाद SBI, PNB, ICICI जैसे तमाम बैंकों ने MCLR रेट को बढ़ा दिया।

बाजार में इसकी काफी चर्चा है कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए RBI एक बार फिर दरें बढ़ा सकता है। संभावना जताई जा रही है कि आरबीआई की इस बैठक में रेपो रेट (Repo Rate) में 35 से 40 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी का फैसला किया जा सकता है। इसी वजह से कई बैंकों ने एक दिन पहले ही अपने लोन की दरें बढ़ाने का ऐलान कर दिया।

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