बढ़ती महंगाई के इस दौर में आम आदमी को एक और झटका लग सकता है। यह संभावना है कि अब लोन की दरें और महंगी हो सकती हैं। आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति की बैठक 6-8 जून के दौरान निर्धारित है। 8 जून को मौद्रिक नीति के फैसलों की घोषणा होनी है। ऐसी अटकलें हैं कि केंद्रीय बैंक ऑफ-साइकिल मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक के बाद पिछले महीने हुई 40 बीपीएस बढ़ोतरी से कम से कम 25 आधार अंक (बीपीएस) की बढ़ोतरी कर सकता है। विशेषज्ञ आने वाले महीनों में रेपो रेट में और बढ़ोतरी की उम्मीद कर रहे हैं।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा बुधवार को अपनी आगामी मौद्रिक नीति समीक्षा में बेंचमार्क उधार दर में तेजी से वृद्धि करने की संभावना है क्योंकि मुद्रास्फीति में कमी के कोई संकेत नहीं हैं। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास द्वारा पहले ही दरों में वृद्धि का संकेत दिया गया था। दास की अध्यक्षता वाली एमपीसी (मौद्रिक नीति समिति) सोमवार, 6 जून से 8 जून 2022 तक तीन दिनों तक बैठक करेगी।

बैठक के दौरान लिए गए निर्णय की घोषणा बुधवार को की जाएगी। पिछले महीने, अपनी ऑफ-साइकिल मौद्रिक नीति समीक्षा में, केंद्रीय बैंक ने पॉलिसी रेपो दर में 40 आधार अंक या 0.40 प्रतिशत की बढ़ोतरी की। करीब दो साल में पॉलिसी रेपो रेट में यह पहली बढ़ोतरी थी। रेपो दर वह ब्याज दर है जिस पर आरबीआई बैंकों को अल्पकालिक धन उधार देता है।

चालू वित्त वर्ष की पहली मौद्रिक नीति समिति की 6-8 अप्रैल के दौरान हुई बैठक में आरबीआई ने प्रमुख दरों में कोई बदलाव नहीं किया था। इसने नीतिगत रेपो दर को 40 आधार अंकों से बढ़ाकर 4.40 प्रतिशत करने का निर्णय लिया। मई 2020 के बाद पॉलिसी रेपो रेट में यह पहली बढ़ोतरी थी। चालू वित्त वर्ष के अंत तक, आरबीआई नीतिगत रेपो दर को मौजूदा 4.4 प्रतिशत से बढ़ाकर 5.65 प्रतिशत करने की संभावना है।

बाजार विश्‍लेषकों का यह है अनुमान

अर्थशास्त्रियों और वित्तीय बाजार विश्लेषकों के अनुसार, अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीति के दबाव के साथ, भारतीय रिजर्व बैंक बुधवार को नीतिगत रेपो दर में 40 आधार अंकों की वृद्धि कर सकता है और अगस्त में इसे 0.35 प्रतिशत तक बढ़ा सकता है। विदेशी ब्रोकरेज फर्म बैंक ऑफ अमेरिका सिक्योरिटीज के मुताबिक, आरबीआई अगले हफ्ते पॉलिसी रेट 0.40 फीसदी और अगस्त में 0.35 फीसदी बढ़ा सकता है।

बैंक ऑफ अमेरिका सिक्योरिटीज ने एक रिपोर्ट में कहा, आरबीआई अगले हफ्ते रेपो रेट में 0.40 फीसदी की और बढ़ोतरी कर सकता है। इसके अलावा अगस्त रिव्यू में भी इसमें 0.35 फीसदी की बढ़ोतरी हो सकती है। अगर ऐसा नहीं होता है, तो आरबीआई अगले हफ्ते 0.50 फीसदी और अगस्त में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी का मन बना सकता है।

एमपीसी से अपेक्षा पर, बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस ने कहा कि घोषित की जाने वाली ऋण नीति न केवल दर कार्रवाई बल्कि विकास और मुद्रास्फीति पर आरबीआई के विचारों के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण होगी।

हाउसिंग डॉट कॉम, प्रॉपटाइगर डॉट कॉम और मकान डॉट कॉम के ग्रुप सीईओ ध्रुव अग्रवाल ने कहा कि आरबीआई से मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए एक बार फिर रेपो दर में वृद्धि की उम्मीद है, जो बड़े पैमाने पर वैश्विक स्तर पर संचालित हो रही है। क्लिक्स कैपिटल के सीईओ राकेश कौल ने कहा कि जून एमपीसी की बैठक में निश्चित रूप से दरों में बढ़ोतरी की उम्मीद है।

Posted By:

  • Font Size
  • Close