इंदौर। मक्का के कम उत्पादन के साथ ही राज्यों की बढ़ती मांग को देखते हुए एक बार फिर आयात की अनुमति दी गई है। इस बार केंद्र सरकार ने पोल्ट्री उद्योग की मांग पूरी करने के लिए 15 प्रतिशत शुल्क पर चार लाख टन मक्का आयात की अनुमति दी है।

मक्का का अतिरिक्त आयात केवल पोल्ट्री और स्टार्च मिलें ही कर पाएंगी। व्यापार के लिए किसी भी तरह का आयात नहीं किया जा सकेगा। विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) की ताजा अधिसूचना के मुताबिक मुर्गीदाने के काम आने वाली मक्का का चार लाख टन आयात की अनुमति दी गई है। इसका आयात 15 फीसदी शुल्क पर किया जाएगा। यह आयात केवल पोल्ट्री और स्टार्च कंपनियां कर पाएंगी।

डीजीएफटी के अनुसार मक्का आयात करने के लिए कंपनियों को 31 अगस्त 2019 तक आवेदन करना होगा। इससे पहले जून में डीजीएफटी ने एक लाख टन मक्का आयात की अनुमति दी थी। डीजीएफटी के अनुसार कर्नाटक सरकार ने मुर्गी दाना के काम आने वाली मक्का की मांग को देखते हुए आयात कोटा बढ़ाने की मांग की थी।

सरकार ने मक्का की खेती को बढ़ावा देने के लिए खरीफ विपणन सीजन 2019-20 के लिए मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 60 रुपए बढ़ाकर 1,760 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया है।

भाव 210-212 डॉलर प्रति टन

यूके्रन में मक्का के भाव 180-182 डॉलर प्रति टन हैं, जो भारतीय बंदरगाह पहुंच 210-212 डॉलर प्रति टन (सीएंडएफ) बैठेगा। इन भाव पर दक्षिण भारत की पोल्ट्री एवं स्टार्च मिलें आयात कर सकेंगी। जून के एक लाख टन आयात मिलाकर कुल पांच लाख टन मक्का का आयात हो सकता है।

यूक्रेन से आयात के आसार

शिकागो बोर्ड ऑफ ट्रेड (सीबॉट) में जुलाई के लिए मक्का का भाव 4.31 डॉलर प्रति बुशल और सितंबर के लिए वायदा भाव 4.32 डॉलर प्रति बुशल चल रहा है। जून में सरकार ने एक लाख टन मक्का आयात की अनुमति दी थी, लेकिन अब तक यह आयातित मक्का भारत नहीं पहुंची है।

ब्राजील और अमेरिका में जीएम मक्का का उत्पादन होता है, लिहाजा आयात यूक्रेन से ही होने का अनुमान है। घरेलू मंडियों में खरीफ मक्का की आवक सितंबर-अक्टूबर में होगी और आयातित मक्का भी सितंबर से पहले आने की उम्मीद नहीं है। ऐसे में इसका असर आगे नई फसलों की आवक के समय भाव पर पड़ सकता है।

स्थानीय फसल की आवक सितंबर-अक्टूबर तक

मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के साथ ही पंजाब व हरियाणा पहुंच मक्का के भाव 2,100-2,200 रुपए प्रति क्विंटल चल रहे है। इस समय बिहार और उत्तर प्रदेश से मक्का की आवक ही हो रही है। सितंबर में मध्यप्रदेश के साथ ही बिहार से भी फसल आएगी, जबकि अक्टूबर में कर्नाटक, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश और राजस्थान की नई फसल की आवक शुरू होगी। इसके बाद ही भाव में गिरावट आने का अनुमान है।

रबी में उत्पादन अनुमान कम

कृषि मंत्रालय के तीसरे अनुमान के अनुसार फसल वर्ष 2018-19 के रबी सीजन में मक्का का उत्पादन घटकर 70.19 लाख टन रह जाने का अनुमान है। पिछले साल रबी में 80.63 लाख टन मक्का का उत्पादन हुआ था। देश में खरीफ में मक्का का ज्यादा उत्पादन होता है। 2018-19 में खरीफ और रबी सीजन मिलाकर कुल उत्पादन 278.2 लाख टन होने का अनुमान है, जबकि पिछले साल 287.5 लाख टन उत्पादन हुआ था।

Posted By: Nai Dunia News Network