मुंबई। सूक्ष्म वित्त उद्योग का कुल ऋ ण पोर्टफोलियो 2018-19 में 40 प्रतिशत बढ़कर 1,78,587 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। इक्विफैक्स और सिडबी की संयुक्त रिपोर्ट में कहा गया है कि शीर्ष दस शहरों का सूक्ष्म ऋण में हिस्सा 83 प्रतिशत का रहा।

वित्त वर्ष 2017-18 में उद्योग का कुल ऋ ण पोर्टफोलियो 1,27,223 करोड़ रुपए रहा था। रिपोर्ट में कहा गया है कि शीर्ष दस राज्यों में पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु का कुल ऋण में हिस्सा 34.7 प्रतिशत का रहा। इसके बाद बिहार और कर्नाटक का पोर्टफोलियो 15,000 करोड़ रुपए से अधिक रहा।

बीते वित्त वर्ष में सूक्ष्म ऋण में सबसे अधिक 54 प्रतिशत की वृद्घि बिहार में दर्ज हुई। सिडबी के चेयरमैन मोहम्मद मुस्तफा ने कहा, 'कुल सूक्ष्म वित्त पोर्टफोलियो में वृद्घि उत्साहजनक है।'

बीते वित्त वर्ष में नए ऋण का वितरण इससे पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 36 प्रतिशत बढ़कर 2,13,074 करोड़ रुपए रहा। वहीं मात्रा के हिसाब से वितरण करीब 20 प्रतिशत बढ़ा।

एनबीएफसी-एमएफआई का सूक्ष्म ऋण पोर्टफोलियो में सबसे बड़ा हिस्सा है। उसका कुल बकाया ऋण 68,156 करोड़ रुपए है जो कुल उद्योग के पोर्टफोलियो का 38 प्रतिशत है।

सूक्ष्म वित्त उद्योग की उपस्थिति 619 जिलों में है। इनमें शीर्ष 30 जिलों का कुल ऋण पोर्टफोलियो में हिस्सा 25 प्रतिशत का है।

Posted By: Nai Dunia News Network