मुंबई। बाजार नियामक सेबी ने म्यूचुअल फंडों को गैर-लिस्टेड नॉन कंवर्टिबल डिबेंचर्स (एनसीडी) में निवेश करने की अनुमति दे दी है। यह निवेश किसी स्कीम के डेट पोर्टफोलियो का अधिकतम 10 फीसदी हो सकता है। सेबी ने कहा है कि 31 मार्च, 2020 से गैर-लिस्टेड एनसीडी में स्कीम के डेट पोर्टफोलियो का अधिकतम 15 फीसदी निवेश किया जा सकेगा। जून 2020 से यह ऐसे निवेश की अधिकतम सीमा 10 प्रतिशत होगी। सेबी ने इसके लिए शर्त जोड़ी है कि एनसीडी समेत म्यूचुअल फंड के किसी गैर-लिस्टेड डेट इंस्ट्रूमेंट (ऋ ण प्रतिभूतियां) में किया गया निवेश उस वित्तीय साधन की परिपक्वता तक जारी रहेगा। इन उपायों का मकसद डेट और करेंसी मार्केट के विभिन्न वित्तीय साधनों में म्यूचुअल फंड के निवेश में पारर्दिशता बढ़ाना है।

बाजार नियामक ने अपने एक नोट में कहा है कि म्यूचुअल फंड स्कीम सरकारी प्रतिभूतियों और अन्य मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स को छोड़कर कमर्शियल पेपर्स समेत गैर-लिस्टेड किसी डेट इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश नहीं करेंगी। हालांकि गैर-लिस्टेड नॉन कंवर्टिबल डिबेंचर में स्कीम के डेट पोर्टफोलियो के अधिकतम 10 फीसदी तक निवेश किया जा सकता है।

एएमसी को निर्देश

हाल ही में सेबी ने निवेशकों के हितों की सुरक्षा के लिए कई फैसले किए हैं। म्यूचुअल फंड निवेशकों का पैसा सुरक्षित रहे, इसके लिए बाजार नियामक ने 'एसेट मैनेजमेंट कंपनियों' (एएमसी) से निवेशकों का पूरा पैसा लिस्टेड या भविष्य में लिस्ट होने वाली इक्विटी या डेट सिक्योरिटीज में लगाने के लिए कहा है। इस प्रस्ताव को सेबी के बोर्ड की हाल में हुई बैठक में मंजूरी मिल गई। सेबी यह प्रस्ताव अगस्त में लेकर आया था।

सेबी की तीन शर्तें

- गैर-लिस्टेड एनसीडी का सरल ढांचा

- निवेश के लिहाज से सुरक्षित रेटिंग

- मासिक ब्याज भुगतान की व्यवस्था

सरल ढांचे से मतलब?

सरल ढांचे से तात्पर्य ऐसे एनसीडी से है, जिसमें निर्धारित और समान ब्याज दर होगी, फिक्स्ड मैच्योरिटी पीरियड होगी और बिना के्रडिट विस्तार के शुरुआत में ही फुली पेडअप होंगे।

जोखिम से बचाना प्राथमिकता

रिस्की डेट सिक्योरिटीज में म्यूचुअल फंडों का एक्सपोजर पूंजी बाजार में निवेश करने वालों के लिए बड़े जोखिम के रूप में उभरा है। इसलिए सेबी निवेशकों को बड़े जोखिम से बचाए रखने के लिए नियामकीय सुरक्षा जाल मजबूत बनाने में जुटा है। सेबी ने जून में अपने बोर्ड की मंजूरी वाले कुछ फैसले लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए डेट और मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश से जुड़े म्यूचुअल फंड स्कीम के विवेकपूर्ण मानदंडों में संशोधन के मसौदा प्रस्ताव को अंतिम रूप दे दिया है।