Tax Collection 2022-23: पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच सरकार ने एक मोर्चे पर कामयाबी हासिल की है। कोरोना महामारी के बाद ना सिर्फ आर्थिक गतिविधियों में तेजी आई है, बल्कि उसकी वजह से टैक्स कलेक्शन में भी इजाफा हुआ है। सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2022-23 में डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में 45 फीसदी का जबरदस्त उछाल आया है। 16 जून, 2022 तक डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 3,39,225 करोड़ रुपये रहा है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने कहा, ‘‘वित्त वर्ष 2022-23 के लिए 16 जून, 2022 तक प्रत्यक्ष कर संग्रह के आंकड़े बताते हैं कि शुद्ध संग्रह बढ़कर 3,39,225 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल की इसी अवधि में 2,33,651 करोड़ रुपये था। इस तरह इसमें 45 प्रतिशत की वृद्धि हुई।’’

किस टैक्स का कितना कलेक्शन?

  • डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन (कुल) - 3,39,225 करोड़ रुपये
  • कॉरपोरेट टैक्स - 1,70,583 करोड़ रुपये
  • पर्सनल इनकम टैक्स + सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स - 1,67,960 करोड़ रुपये
  • रिफंड - 30,334 करोड़ रुपये

2022-23 में रिफंड (Refund) को एडस्ट करने से पहले तक डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन कुल 3,69,559 करोड़ रुपये रहा। यह बीते वर्ष 2,64,382 करोड़ रुपये के मुकाबले 40 फीसदी ज्यादा है। वहीं 2020-21 में डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 1,25,065 करोड़ रुपये और 2019-20 में 1,67,432 करोड़ रुपये रहा था.

2022-23 की पहली तिमाही के लिए एडवांस टैक्स कलेक्शन भी 1,01,017 करोड़ रुपये रहा है, जो पिछले साल के मुकाबले 33 फीसदी ज्यादा है। इसी तरह 16 जून तक साल 2022-23 का टीडीएस कलेक्शन 2,29,676 करोड़ रुपये रहा जो बीते वर्ष के मुकाबले 46 फीसदी ज्यादा है। सेल्फ एसेसमेंट टैक्स में 41 फीसदी का उछाल आया है और ये 15,483 करोड़ रुपये से बढ़कर 21,849 करोड़ रुपये रहा है।

Posted By: Shailendra Kumar

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