Onion Price : इंदौर (व्यापार प्रतिनिधि)। चोइथराम फल एवं सब्जी मंडी में मंगलवार को आलू-प्याज के भाव 4-5 रुपये प्रति किलो घट गए। पिछले कुछ दिनों से इनके भाव में निरंतर हल्की गिरावट देखी जा रही है। व्यापारियों ने बताया कि मांग कमजोर बनी हुई है, जबकि नई फसल का माल मंडी में लगातार आ रहा है। इसकी वजह से भाव दबाव में हैं। व्यापारियों ने कहा कि शादियों का सीजन शुरू होने से मांग बढ़नी चाहिए थी, लेकिन चूंकि मेहमानों की संख्या सीमित रखी गई है और जो मेहमान समारोह में आते हैं, उनमें से भी सभी खाना नहीं खाते। इसके कारण शादियों से आलू-प्याज के भाव को कोई खास सपोर्ट नहीं मिल रहा है। व्यापारियों के मुताबिक नये और पुराने प्याज की आवक समान मात्रा में हुई। कुल आवक करीब 40 हजार कट्टे की रही। नया प्याज 25-30 रुपये प्रति किलो बिका। पुराने सुपर प्याज के भाव भी घटकर 20-25 रुपये प्रति किलो रह गए। औसत गुणवत्ता वाला प्याज 20-25 रुपये और कमजोर क्वालिटी एवं छोटे आकार वाले प्याज 12 रुपये से लेकर 15 रुपये प्रति किलो तक बिके। मंडी में नए आलू की आवक करीब पांच हजार कट्टे और पुराने आलू की आवक लगभग चार हजार कट्टे की रही। इस बीच नये आलू के भाव घटकर 25-32 रुपये प्रति किलो रह गए। पुराना बेस्ट आलू 25-30 रुपये और एवरेज 20-25 रुपये प्रति किलो बिका। लगभग आठ हजार कट्टे आवक के बीच लहसुन के भाव करीब-करीब स्थिर रहे। सुपर बोल्ड लहसुन 70-75 रुपये, बोल्ड 65-70 रुपये, एवरेज 55-57 रुपये और बारीक 35-40 रुपये प्रति किलो रहा।

दो महीने पहले सरकार ने लगाया था घरेलू बाजार में कमी के बीच प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध

गत सितंबर के महीने में घरेलू बाजार में कमोडिटी की कीमतों में स्पाइक पर अंकुश लगाने के लिए, सरकार ने प्याज की सभी किस्मों के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था। दक्षिणी राज्यों में अत्यधिक बारिश के कारण आपूर्ति में कमी के बीच सरकार का कदम उठाया गया। विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने एक अधिसूचना में कहा, प्याज की सभी किस्मों का निर्यात ... तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित है। हालांकि यह कमी मौसमी है, कोविड -19 महामारी के दौरान पिछले कुछ महीनों में निर्यात की एक बड़ी मात्रा में निर्यात किया गया था।

भारत दुनिया का सबसे बड़ा निर्यातक देश है जैसे कि बांग्लादेश, नेपाल, मलेशिया और श्रीलंका भारतीय निर्यात पर काफी हद तक निर्भर हैं। भारत ने वित्त वर्ष 2011 की अप्रैल-जून अवधि में और पूरे 2019 -20 में 440 डॉलर मिलियन प्याज का निर्यात किया। भारत के सबसे बड़े प्याज व्यापार केंद्र, पश्चिमी राज्य महाराष्ट्र के लासलगाँव में थोक कीमतें एक महीने में लगभग 30,000 रुपये प्रति टन हो गई। मुंबई स्थित प्याज निर्यातक संघ के अध्यक्ष अजीत शाह ने कहा कि भारत के दक्षिणी राज्यों कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में अत्यधिक वर्षा ने ग्रीष्मकालीन बोई गई फसल को नुकसान पहुँचाया है और अन्य राज्यों में कटाई में देरी हुई है।

Posted By: Navodit Saktawat

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