मल्टीमीडिया डेस्क। एक समय नेट बैंकिंग और कार्ड के साथ लेन-देन को काफी सुरक्षित माना जाता था, लेकिन जैसे-जैसे कारोबार में ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और कार्ड से भुगतान की रफ्तार तेज हुई, धोखाधड़ी भी बढ़ती चली गई। लोग अनायास ही ठगी के शिकार होते जा रहे हैं, लेकिन यदि समय रहते कुछ सुरक्षा के अहम उपाय कर लिए जाए तो आपका पैसा पूरी तरह सुरक्षित हो सकता है। और आप ठगों के जाल में फंसने से बच सकते हैं। हम आपको 10 खास जानकारी दे रहे हैं जिनकी मदद से आप अपना धन सुरक्षित रख सकते हैं।

- एटीएम से पैसे निकालते समय कोशिश करें की बैंक परिसर में स्थित एटीएम मशीन का उपयोग करें। क्योंकि बैंक के एटीएम सुरक्षित रहते हैं और उनमें किसी धोखाधड़ी वाले गैजेट्स को लगाने की संभावना भी काफी कम होती है। जिससे की आपके कार्ड की जानकारी चुराई जा सके।

- अपने कार्ड को पब्लिक प्लेस में हाथ में लेकर खड़े न रहे। यानी लंबे समय तक कार्ड को अपने वॉलेट से बाहर न रखे। कार्ड के बाहर रखने से कोई धोखेबाज कार्ड की स्मार्टफोन से फोटो ले सकता है साथ ही मैग्नेटिक स्ट्रिप के डाटा को भी चुरा सकता है।

- सीवीवी कोड को कार्ड से पूरी तरह से मिटाया जा सकता है। जिससे यदि आपका कार्ड चोरी हो जाए या गुम जाए तो इसका उपयोग करना मुश्किल हो जाएगा। यद्यपि इस वजह से कार्ड होल्डर को भी कार्ड का उपयोग करने में मुश्किल हो सकती है।

- ऑनलाइन बैंकिंग का उपयोग करते समय इस बात की कोशिश करें कि किसी दूसरे का कम्प्यूटर उपयोग न करें। या किसी सार्वजनिक जगह पर ऑनलाइन ट्रांजिक्शन से बचें। यदि ऐसा करता हैं तो लॉगआउट का ध्यान रखें।

- ऑनलाइन शॉपिंग करते वक्त ट्रेंडिंग प्लेटफार्म का उपयोग करें। धोखाधड़ी करने वालों के लिए वास्तविक इंटनेट स्टोर के हैकिंग करने की बजाय खुद का इंटरनेट स्टोर खोलना काफी आसान होता है। आपको उस वक्त सजग हो जाना चाहिए जब आपको प्रीपेमेंट के लिए कहा जाए और ऑप्शन सिर्फ कैशलेस हो।

- ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के लिए अपने कम्प्यूटर में एंटीवायरस प्रोग्राम डालें। माडर्न ब्राउसर और इमेल का उपयोग करें। अपने पासवर्ड को चेंज करते रहे और पासवर्ड को जटिल रखे।

- ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की सीमा को ज्यादा न रखें। जिससे बगैर पिन के ज्यादा शॉपिंग नही कर सकते हैं और धोखाधड़ी की दशा में भी आप बहुत हद तक स्वयं को सुरक्षित रख सकते हैं।

- बैंक से आए एसएमएस को कभी इग्नोर न करें। यदि कार्ड चोरी हो गया है या गुम हो गया है तो उस दशा में कोई उसका उपयोग करेगा तो बैंक एसएमएस के जरिए आपको फ्राड का पता चल जाएगा।

- तकनीकी सुरक्षा के बढ़ने के साथ ठग आजकल फोन कर कार्डधारकों के कार्ड की जानकारी हासिल कर लेते हैं और उसके बाद उनके खाते से मनचाही रकम उड़ा देते हैं। इसलिए किसी भी अज्ञात कॉल के आने पर उसको अपने कार्ड की सूचना शेयर न करें।

- कुछ बैंक अपने ग्राहकों को उनके फोटो वाला प्लास्टिक कार्ड जारी करती है। इस तरह के कार्ड में चोरी होने की दशा में किसी और के लिए पेमेंट करना काफी मुश्किल हो जाता है।

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