नई दिल्ली। पारले प्रॉडक्ट्स ग्रुप की यूनिट पारले बिस्किट्स का मुनाफा वित्त वर्ष 2018-19 में 15.2 प्रतिशत बढ़कर 410 करोड़ रुपए हो गया, जो वित्त वर्ष 2017-18 में 355 करोड़ रुपए था। पारले बिस्किट्स का मुनाफा बढ़ना इस मायने में दिलचस्प है कि कंपनी ने देश में मंदी का हवाला देते हुए नुकसान की आशंका जताई थी और सरकार से जीएसटी की दर में कटौती की मांग उठाई थी। राहत न मिलने की स्थिति में कंपनी ने बड़ी छंटनी की बात भी कही थी। बिजनेस प्लैटफॉर्म टॉफ्लर के मुताबिक, पिछले वित्त वर्ष पारले बिस्किट्स की आय 6.4 प्रतिशत बढ़कर 9,030 करोड़ रुपए हो गई, जो 2017-18 में 8,780 करोड़ रुपए थी।

सोशल मीडिया पर चुटकी

पारले बिस्किट्स के मुनाफे पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय जनता पार्टी के नेशनल इंफॉर्मेशन एंड टेक्नॉलजी इंचार्ज अमित मालवीय ने ट्वीट किया, 'कुछ दिन पहले अर्थशास्त्री हमें बता रहे थे कि लोग 5 रुपए का पारले जी बिस्किट पैक भी नहीं खरीद पा रहे हैं? खैर कंपनी का मुनाफा 15.2 फीसदी बढ़ा है और आमदनी भी 6.4 फीसदी बढ़कर 09,030 करोड़ रुपए हो गई है।

कंपनी ने कहा था जा सकती हैं 10 हजार नौकरियां

इस साल अगस्त में पारले बिस्किट्स ने कहा था कि यदि सरकार ने जीएसटी की दरें घटाने की मांग नहीं मानी तो कारखानों में काम करने वाले 8,000-10,000 लोगों को निकालना पड़ेगा। जीएसटी लागू होने से पहले 100 रुपए प्रति किलो से कम कीमत वाले बिस्किट पर 12 प्रतिशत टैक्स लगाया जाता था।

कंपनियों को उम्मीद थी कि जीएसटी की दरें तय होंगी

कंपनियों को उम्मीद थी कि प्रीमियम बिस्किट के लिए 12 प्रतिशत और सस्ते बिस्किट के लिए 5 प्रतिशत जीएसटी दर तय की जाएगी। हालांकि, सरकार ने दो साल पहले जब जीएसटी लागू किया तो सभी बिस्किट को 18 प्रतिशत के स्लैब में डाल दिया गया। इसके चलते इनके दाम बढ़ाने पड़े, जिसका असर बिक्री पर नजर आया।

Posted By: Nai Dunia News Network