इंदौर। योग गुरु बाबा रामदेव ने गुरुवार को दावा किया है कि उनकी एफएमसीजी कंपनी पतंजलि आयुर्वेद अगले 1-2 साल में देश का सबसे बड़ा ब्रांड होगा। यह दावा इस लिहाज से अहमियत रखता है कि देश में यूनिलीवर और पीएंडजी जैसी दुनियाभर की दिग्गज कंपनियां वर्षों से जमी हुई हैं।

लेकिन, कंपनी की रफ्तार को देखते हुए इस दावे को हल्के में भी नहीं लिया जा सकता। इस साल 31 मार्च को खत्म साल में पतंजलि ग्रुप ने अपनी बिक्री दोगुनी कर ली।

ताजा उपलब्धि

- 10,500 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का ब्रांड बन गया पतंजलि

- 150 फीसदी बढ़ी 2014-15 के मुकाबले 2015-16 में कंपनी की आय

- 10,561 करोड़ रुपए का करोबार किया 2017 में कंपनी ने

- 940 करोड़ रुपए रही केवल टूथपेस्ट सेगमेंट की आय

- 574 करोड़ रुपए हो गई हर्बल बाथ साबुन सेगमेंट की आय

- 176 करोड़ रुपए के स्तर पर पहंुची च्यवनप्राश सेगमेंट की कमाई

आगे की संभावना, योजना

- 2017-18 में 100 फीसदी से ज्यादा ग्रोथ की उम्मीद

- हेयर ऑयल की नई रेंज जल्द लॉन्च करेगी कंपनी

- आगे पतंजलि का उत्तराधिकारी कोई संन्यासी ही होगा

- अगले 1 साल में वितरकों की तादाद 12 हजार करने का लक्ष्य

तेज विस्तार

सेगमेंट---बाजार हिस्सेदारी (फीसदी में)

शैंप---15

टूथपेस्ट---14

फेस वॉश---15

डिश वॉश---35

शहद---50

ग्रोथ चार्ट

साल --- आय --- मुनाफा

2011-12 --- 453 --- 56

2012-13 --- 849 --- 91

2013-14 --- 1,191 --- 186

2014-15 --- 2,006 --- 317

2015-16 --- 5,000 ---

2016-17 --- 10,561 ---

(सभी आंकड़े करोड़ रुपए में)

विवाद पर स्पष्टीकरण

बाबा रामदेव ने कहा कि पतंजलि के खिलाफ भ्रम फैलाया जा रहा है कि इस ब्रांड के आंवला जूस पर सवाल उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि पतंजलि के सारे प्रोडक्ट एफएसएसएआई के मानकों के अनुरूप हैं।

इन 4 कारणों से उड़ेगी बहुराष्ट्रीय कंपनियों की नींद

1. पतंजलि का दावा है कि अगले 1-2 साल में वह ब्रांड वैल्यू के मामले में भारत में बिजनेस कर रही सभी बहुराष्ट्रीय कंपनियों (एमएनसी) को पीछे छोड़ देगी। कंपनी ने घरेलू बाजार में एमएनसी का एकाधिकार खत्म करने का लक्ष्य रखा है।

2. रोजाना इस्तेमाल होने वाली चीजों (एफएमसीजी) के घरेलू बाजार में अब तक कमोबेश एमएनसी का एकाधिकार रहा है। ऐसे में यदि दंतकांति जैसे प्रोडक्ट की लोकप्रियता बढ़ रही है, तो इसका सबसे बड़ा नुकसान कोलगेट और क्लोजअप जैसे प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनियों को ही हो रहा है।

3. पतंजलि के फिलहाल 6 हजार वितरक हैं और कंपनी ने अगले एक साल में इनकी तादाद दोगनुी करने का लक्ष्य रखा है। फिलहाल कर्मचारियों की संख्या करीब 1 लाख है, जिसे 5 लाख तक पहंुचाने की योजना बनाई गई है। यह दिखाता है कि पतंजलि किस अंदाज में विस्तार करना चाह रही है।

4. पतंजलि का मुनाफा सालाना 100 फीसदी के हिसाब से बढ़ रहा है। हालांकि शुरुआत के वर्षों में किसी नई लोकप्रिय कंपनी के लिए यह आंकड़ा हैरत में डालने वाला नहीं होता, लेकिन पतंजलि की बात अलग है। कंपनी की यह रफ्तार निरंतर बनी हुई है। कुछ सेगमेंट में तो बढ़ भी रही है।

2006 में बनी थी कंपनी

बाबा रामदेव ने आचार्य बालकृष्ण के साथ मिलकर साल 2006 में पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड की सथापना की थी। इसका उद्देश्य नवीनतम टेक्नोलॉजी और प्राचीन ज्ञान की बदौलत आयुर्वेद के विज्ञान को पूरी दुनिया में स्थापित करना है।

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