नई दिल्ली। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा है कि घोटाले से जूझ रहे पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव (पीएमसी) बैंक की स्थिति पर वह लगातार करीब से नजर रखे हुए हैं और फिलहाल बैंक का फॉरेंसिक ऑडिट किया जा रहा है। आरबीआई ने फंसे कर्ज (एनपीए) की जानकारी सामने आने के बाद 23 सितंबर को पीएमसी बैंक पर निकासी की सीमा सहित कई तरह की पाबंदियां लगाई हुई हैं। गुरुवार को वित्तीय स्थिरता एवं विकास परिषद (एफएसडीसी) की बैठक के बाद दास ने कहा, 'पीएमसी बैंक की स्थिति की नजदीक से निगरानी की जा रही है। मामले का फॉरेंसिक ऑडिट चल रहा है।' पीएमसी बैंक में 4,335 करोड़ रुपए की अनियमितताएं सामने आई हैं। आरबीआई ने मंगलवार को पीएमसी बैंक के ग्राहकों को कुछ राहत देते हुए खाते से निकासी की सीमा बढ़ाकर 50 हजार रुपए कर दी थी। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने गुरुवार को कहा कि यह घोटाला प्रभावित पीएमसी बैंक की स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहा है और एक फोरेंसिक ऑडिट चल रहा है।

यह चौथी बार है, जब रिजर्व बैंक ने पीएमसी बैंक के ग्राहकों के लिए प्रति खाता निकासी की सीमा बढ़ाई है। इस मामले में पुलिस ने एचडीआईएल के प्रवर्तकों राकेश वाधवान और सारंग वाधवान समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।

पंजाब और महाराष्ट्र कोऑपरेटिव बैंक (पीएमसी बैंक), देश के शीर्ष 10 शहरी सहकारी बैंकों में से एक, आरबीआई प्रशासक के तहत 23 सितंबर को छह महीने के लिए बड़े पैमाने पर ड्यूड ऋणों की रिपोर्टिंग के कारण रखा गया था।

Posted By: Nai Dunia News Network