Rupee vs Dollar: भारतीय रुपये में लगातार गिरावट हो रही है। बुधवार को भारतीय रुपया डॉलर की तुलना में कमजोर होकर 81.93 डॉलर पर पहुंच गया, जो उसका अब तक का सबसे निचला स्तर है। साल 2022 में भारतीय रुपये में 10 फीसदी की गिरावट आ चुकी है, और गिरावट का सिलसिला जारी है। परेशानी की बात ये है कि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट का सिलसिला आने वाले दिनों में और तेज़ होने के आसार हैं। रेटिंग एजेंसी इक्रा (ICRA) ने बुधवार को जारी अपनी रिपोर्ट में अनुमान जताया है कि दिसंबर तक एक डॉलर का भाव 83 रुपये तक जा सकता है। माना जा रहा है कि ग्लोबल इक्विटी और करेंसी मार्केट में गिरावट का असर भारतीय करेंसी पर भी दिखाई दे रहा है।

क्या होगा इसका असर?

2008 और 2013 में डॉलर के मुकाबले रुपये में आई कमजोरी के बाद जिस रफ्तार से विदेशी मुद्रा भंडार में तब कमी आई थी उससे भी तेज गति से इस बार विदेशी मुद्रा भंडार में कमी आई है। एक साल पहले आरबीआई के पास 642 अरब डॉलर विदेशी मुद्रा भंडार था, जिसमें अब 100 अरब डॉलर की कमी आ गई है और ये घटकर 545 अरब डॉलर रह गया है। माना जा रहा है कि दिसंबर तक इसमें और कमी आ सकती है और विदेशी मुद्रा भंडार 500 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।

क्या हैं इसके उपाय?

इस बीच बुधवार को आरबीआई की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की 3 दिवसीय बैठक शुरू हो चुकी है। शुक्रवार को इसमें लिए गए फैसलों का एलान हो सकता है। बाजार के विशेषज्ञों के मुताबिक रुपये की गिरावट पर नियंत्रण के लिए आरबीआई की ओर से ब्याज दरों में बढ़ोतरी किए जाने का ऐलान हो सकता है। डॉलर (Dollar) के मुकाबले रुपये हर रोज आ रहे रिकॉर्ड गिरावट को थामने के लिए आरबीआई ( RBI) को दखल देना पड़ सकता है। ऐसे में भारत के विदेशी मुद्रा भंडार ( Forex Reserves) में भारी कमी आने की आशंका है।

Posted By: Shailendra Kumar

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