रियाद। जी20 देशों के वित्त मंत्री और केंद्रीय बैंकों के गवर्नर शनिवार को सऊदी अरब की राजधानी में वैश्विक अर्थव्यवस्था की मौजूदा स्थिति पर चर्चा के लिए एकत्रित हुए। इस बैठक के एजेंडे में कोरोना वायरस का जोखिम सबसे ऊपर है। आयोजकों ने बताया कि दो दिन चलने वाली बैठक में अर्थव्यवस्था के परिदृश्य व वृद्घि की राह के खतरों से बचाव एवं आर्थिक प्रोत्साहन के लिए संभावित नीतिगत उपायों पर चर्चा होगी। आयोजकों ने कहा, 'इनके अलावा वे अर्थव्यवस्थाओं के डिजिटलीकरण से दौर में कराधान की चुनौतियों पर भी चर्चा करेंगे।' सम्मेलन की अध्यक्षता सऊदी अरब कर रहा है। इसका विषय है '21वीं सदी के अवसरों की सभी के लिए पहचान' यह पहला मौका है जब जी20 की अध्यक्षता किसी अरब देश के पास आई है। बैठक के दौरान सऊदी अरब के वित्त मंत्री मोहम्मद अल-जदान और वहां के केंद्रीय बैंक के गवर्नर अहमद अल-खलीफी अध्यक्ष की भूमिका में होंगे।

खास है यह बैठक

यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब चीन में कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर होने की आशंकाएं जताई जा रही हैं। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की प्रमुख क्रिस्तालिना जॉर्जीवा ने शुक्रवार को कहा था कि कोरोनावायरस का दुनियाभर की अर्थव्यवस्थाओं पर असर हो सकता है। थोड़े समय के लिए ही सही, लेकिन वैश्विक अर्थव्यवस्था नाजुक स्थिति में है।

'वी-शेप्ड इफेक्ट'

जॉर्जीवा ने कहा कि कोरोना वायरस के कारण अर्थव्यवस्थाओं पर 'वी' (तेजी से गिरने के फौरन बाद सुधार)आकार का असर हो सकता है। कोरोना वायरस के संक्रमण से चीन में अब तक 2,345 लोगों की मौतों की सूचना है। चीन ने कहा है कि वह जी20 की इस बैठक में हिस्सा लेने के लिए कोई नेता नहीं भेजेगा। इस बैठक में सऊदी अरब में चीन के राजदूत अपने देश का प्रतिनिधित्व करेंगे।

बैठक की खास बातें

- सऊदी अरब कर रहा है सबसे प्रभावशाली देशों के सम्मेलन की अध्यक्षता

- पहली बार जी20 की बैठक की अध्यक्षता किसी अरब देश को मिली

- थीमः दुनियाभर में सभी के लिए 21वीं सदी के अवसरों की पहचान

- थोड़े समय के लिए ही सही, लेकिन नाजुक स्थिति में है वैश्विक अर्थव्यवस्था

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