नई दिल्ली। मंदी की मार झेल रहे ऑटो सेक्टर को बड़ी राहत देते हुए देश के सबसे बड़े कर्जदाता भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआइ) ने बड़ी राहत दी है। बैंक ने ऑटो डीलरों के कर्ज भुगतान के लिए दी अवधि को बढ़ा दिया है। हालांकि बैंक ने कहा है कि यह हर ऑटो डीलर की व्यक्तिगत परिस्थितियों और मामले की पूरी समीक्षा के हिसाब से होगा।

एमडी ने बताई इसकी वजह

SBI के एमडी (रिटेल व डिजिटल बैंकिंग) ने रविवार को कहा कि हम ऑटो डीलर्स के साथ लगातार बात कर रहे हैं। चूंकि यह सेक्टर अभी विषम परिस्थितियों से गुजर रहा है, इसलिए हमने ऑटो डीलर्स को उनके मामलों के आधार पर कर्ज चुकाने की अवधि में छूट देने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि सामान्य तौर पर कर्ज चुकाने की अवधि 60 दिनों की होती है। लेकिन हम इसे 75 से 90 दिनों तक के लिए बढ़ा रहे हैं।

मुख्‍य मकसद आसान शर्तों पर कर्ज देना

अधिकारी का कहना था कि एक बैंक के रूप में हम केवल समस्या के वित्तीय मदद के पहलू पर ही विचार कर सकते हैं। हमारा मुख्य मकसद वाहन खरीदने वाले ग्राहकों के लिए आसान शर्तों पर कर्ज मुहैया कराना है। हम मैन्यूफैक्चरर से वाहन खरीदने के लिए डीलरों को भी कर्ज देते हैं। लेकिन जहां तक मांग के वापस पटरी पर लौटने या लाने का सवाल है, तो इसमें सरकार के प्रयासों की बहुत बड़ी भूमिका है।

विषम परिस्‍थति में गई नौकरियां

फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) के मुताबिक पिछले तीन महीनों के दौरान ऑटो सेक्टर में करीब दो लाख कर्मचारियों को नौकरी से हाथ धोना पड़ा है। इसकी वजह यह है कि किसी भी विषम वित्तीय परिस्थिति में ऑटो डीलरों के पास मानव संसाधन कम करने के अलावा खर्च घटाने का और कोई प्रभावी तरीका नहीं बच जाता है।