नई दिल्ली। बाजार नियामक सेबी ने म्यूचुअल फंड कंपनियों को करेंसी या ऋ ण प्रतिभूतियों की परिपक्वता में विस्तार समेत निवेश की शर्तों में होने वाले किसी भी तरह के बदलाव और इसके कारणों की जानकारी मूल्यांकन एजेंसियों के साथ-साथ क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों को भी देने को कहा है। सेबी ने बुधवार को जारी एक सर्कुलर में कहा, 'करेंसी मार्केट या ऋ ण (डेट) प्रतिभूतियों की परिपक्वता अवधि में विस्तार समेत निवेश शर्तों में होने वाले किसी भी तरह के बदलाव और उसके कारणों के बारे में पंजीकृत क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों को भी तत्काल सूचित किया जाना चाहिए।'

मौजूदा व्यवस्था

अब तक म्यूचुअल फंड कंपनियों के लिए इस तरह के किसी बदलाव और इसके कारणों के बारे में केवल मूल्यांकन एजेंसियों को सूचित करना होता था। सेबी ने मूल्यांकन एजेंसियों को ऐसे किसी बदलाव, जिनका मूल्यांकन पर असर हो सकता है और बदलाव के कारणों के बारे में म्यूचुअल फंड द्वारा तत्काल सूचित किया जाना सितंबर में अनिवार्य किया था।

वाटरफॉल तरीका अपनाने का निर्देश

सेबी ने करेंसी मार्केट या डेट मार्केट के मूल्यांकन के लिए म्यूचुअल फंडों को वाटरफॉल तरीका अपनाने का भी निर्देश दिया है। इसके तहत सभी प्रतिभूतियों का मूल्यांकन व्यापार से हुई आय के आधार पर किया जाता है। गत सितंबर में सेबी ने म्यूचुअल फंडों को निवेश की शर्तों में किसी भी बदलाव के बारे में रिपोर्ट करने के लिए कहा था, जिसका मूल्यांकन पर प्रभाव हो सकता है।

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Posted By: Nai Dunia News Network

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