Supreme Court ने मंगलवार को एडजेस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) मामले में फैसला सुनाते हुए टेलीकॉम कंपनियों को बड़ी राहत प्रदान की। सुप्रीम कोर्ट ने टेलीकॉम कंपनियों को AGR का बकाया चुकाने के लिए 10 साल का समय प्रदान किया। इस फैसले से वोडाफोन आइडिया और एयरटेल को खास राहत मिली है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार टेलीकॉम कंपनियों को 10 प्रतिशत राशि की पहली किस्त 31 मार्च 2021 तक चुकाना होगी। आदेश में आगे कहा गया कि कंपनियों को हर साल 7 फरवरी तक 10 प्रतिशत राशि की किस्त का भुगतान करना होगा।

केंद्र ने AGR भुगतान के लिए 20 साल प्रदान किए जाने की मांग की थी, जबकि Vodafone Idea ने इसके लिए 15 साल की मांग की थी। अभी तक 15 टेलीकॉम कंपनियों ने सिर्फ 30254 करोड़ रुपए का भुगतान किया है, जबकि कुल बकाया राशि 1.69 लाख करोड़ रुपए है।

क्या होता है AGR:

एडजेस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग (DoT) द्वारा टेलीकॉम कंपनियों से लिया जाने वाला यूजेज और लाइसेंसिंग फीस है। दूरसंचार कंपनियों को एजीआर का तीन प्रतिशत स्पेक्ट्रम फीस और आठ प्रतिशत लाइसेंस फीस के रूप में देना होता है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि इस फैसले को तीन आधार पर किया जाएगा। पहला, टेलीकॉम कंपनियों को AGR का बकाया चुकाने के लिए किस्तों में भुगतान करने की मोहलत देना चाहिए या नहीं। दूसरा, जो कंपनियां इन्सॉल्वेंसी प्रक्रिया का सामना कर रही हैं, उनके बकाए को किस तरह वसूला जाए। तीसरा, क्या ऐसी कंपनियों को स्पेक्ट्रम को बेचना वैध है।

Posted By: Kiran K Waikar

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