वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को नुकसान पहुंचाने वाली व्यापार नीतियों को सही करने का संकल्प दोहराया। उन्होंने व्यापार युद्घ के दौरान तेजी से प्रतिक्रिया के लिए शुल्क लगाने की अपने अधिकार बढ़ाने की भी मांग की।

ट्रंप ने सालाना 'स्टेट ऑफ दी यूनियन' संबोधन में कांग्रेस को कहा कि चीन के साथ आक्रामक व्यापार वार्ता के कारण अमेरिकी नौकरियों और संपत्ति की चोरी पर लगाम लगा है।

उन्होंने कहा, 'हम अब चीन को स्पष्ट कर रहे हैं कि हमारे उद्योगों पर कई साल से जारी हमले और हमारी बौद्घिक संपदा की वर्षों से चल रही चोरी के बाद अमेरिकी नौकरियों एवं संपत्तियों की चोरी पर लगाम लग गया है।'

ट्रंप ने कहा, 'इसके कारण हमने हाल ही में 250 अरब डॉलर के चीनी वस्तुओं/माल पर शुल्क लगाया। इससे हमारे खजाने को एक ऐसे देश से अरबों डॉलर मिल रहे हैं, जिसने हमें कभी कुछ नहीं दिया। लेकिन, मैं हमारा फायदा उठाने का दोष चीन को नहीं देता हूं, मैं यह चोरी संभव होने देने का दोष अपने नेताओं और प्रतिनिधियों को देता हूं।'

भारत के लिए भी मुश्किल

उन्होंने कहा, 'मैं आप लोगों से अमेरिका रेसिप्रोकल ट्रेड अधिनियम पारित करने की अपील करता हूं, ताकि कोई देश यदि अमेरिकी उत्पादों पर अनुचित शुल्क लगाए तो हम भी उस देश के उन उत्पादों पर बराबर शुल्क लगा सकें, जो वह हमें बेचता है।'

यदि यह अधिनियम पारित हुआ तो भारत के साथ अमेरिका के द्विपक्षीय व्यापार पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।