जिन लोगों की कमाई ज्यादा है, उन्हें देश के विकास में अधिक योगदान करने की जरूरत है।

- निर्मला सीतारमन

नई दिल्ली। वित्त वर्ष 2019-20 का पूर्ण आम बजट संकेत देता है कि सरकार ने बजट घाटा का टारगेट कम किया है।

हालांकि, अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए बुनियादी ढांचे पर खर्च बढ़ाने की जरूरत है जिसके लिए सरकार अपना पहला ग्लोबल बॉन्ड बेचेगी। यही वजह है कि बॉन्ड बाजार में तो तेजी आई, लेकिन शेयर बाजार ने नकारात्मक प्रतिक्रिया दी।

फरवरी में पेश अंतरिम बजट में राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 3.4 प्रतिशत के स्तर पर रखने का लक्ष्य तय किया गया था, जिसे घटाकर 3.3 प्रतिशत कर दिया गया है।

दरअसल, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमनकी योजना अमीरों पर अधिक टैक्स लगाकर और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में सरकारी हिस्सेदारी बेचकर पैसे जुटाने की है।

सीतारमन ने सरकारी कंपनियों में हिस्सेदारी बेचकर 1.05 खरब रुपए की पूंजी जुटाने का लक्ष्य रखा है, जबकि पिछले बजट में यह लक्ष्य 900 अरब रुपए का था।

Posted By: Nai Dunia News Network