Union Budget 2022-23: हर साल केंद्रीय बजट फरवरी के पहले दिन संसद में वित्त मंत्री द्वारा पेश किया जाता है। इस बार बजट 1 फरवरी 2022 सुबह करीह 11 बजे पेश किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के दूसरे कार्यकाल में यह चौथा बजट होगा। केंद्रीय बजट 2022-23 के लिए भारत सरकार की तैयारियां शुरू हो चुकी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 15 दिसंबर 2021 से विभिन्न हितधारक समूहों के साथ बजट पूर्व परामर्श किया था। आइए जानते हैं बजट से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण बातों को।

केंद्रीय बजट क्या है?

एक साल का केंद्रीय बजट, जिसे वार्षिक वित्तीय विवरण भी कहा जाता है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 112 के अनुसार उस विशेष वर्ष के लिए सरकार की अनुमानित प्राप्तियों और व्यय का विवरण है। बजट 1 अप्रैल से 31 मार्च तक चलने वाले वित्तीय वर्ष के लिए है।

केंद्रीय बजट 2022 कब और कौन पेश करेगा?

केंद्रीय बजट हर साल फरवरी के पहले दिन संसद में वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत किया जाता है। वर्तमान में यह पद निर्मला सीतारमण के पास है। 2016 के पहले बजट फरवरी के आखिरी कार्य दिवस पर पेश किया गया था। जिसे पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बदल दिया था। बजट 1 फरवरी 2022 को सुबह 11 बजे के आसपास पेश किया जाएगा। हालांकि वर्ष 1999 से पहले बजट शाम 5 बजे के करीब पेश किया जाता था।

बजट के दो घटक कौन से हैं?

बजट को राजस्व बजट और पूंजीगत बजट में वर्गीकृत किया गया है। राजस्व बजट में राजस्व प्राप्तियां और व्यय शामिल हैं। इसके अलावा दो प्रकार की राजस्व प्राप्तियां हैं- कर और गैर कर राजस्व। राजस्व व्यय सरकार के कामकाज और नागरिकों को दी जाने वाली विभिन्न सेवाओं पर होने वाला व्यय है। पूंजी बजट में सरकार की पूंजी प्राप्तियां और भुगतान शामिल हैं।

राजकोषीय घाटा क्या है?

राजकोषीय घाटा तब होता है, जब कुल व्यय उसके कुल राजस्व से अधिक हो जाता है। जबकि राजस्व व्यय राजस्व प्राप्तियों से अधिक होता है। तब इसे राजस्व घाटा कहा जाता है। एक राजस्व घाटा सरकार के पास अपने दिन-प्रतिदिन के मामलों को बनाए रखने के लिए धन की कमी को दिखाता है। वहीं राजकोषीय घाटे का आकार विकास, मूल्य स्थिरता, उत्पादन की लागत और मु्द्रास्फीति की ओर इशारा करता है।

Posted By: Sandeep Chourey