UPI Transactions in July 2022: भारत में कैशलेस ट्रांजेक्शन का कल्चर बढ़ता जा रहा है। ताजा खबर यह है कि जुलाई में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) के जरिए 6 अरब से अधिक ट्रांजैक्शन हुए हैं। इसके जरिए 10.62 लाख करोड़ रुपए का लेन-देन हुआ है। यह जानकारी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ट्वीट करके दी। UPI को 2016 में लांच किया गया था और उसके बाद यह पहला मौका है जब एक महीने में लेन-देन का आंकड़ा 6 अरब पर पहुंचा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे बड़ी उपलब्धि बताया है। UPI का संचालन करने वाले नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने ये आंकड़े जारी किए हैं। महीने-दर-महीने ट्रांजैक्शन में 7.16 प्रतिशत की और मूल्य में 4.76 फीसदी की वृद्धि हुई है। वहीं साल-दर-साल के हिसाब से लेनदेन लगभग दोगुना हुआ है, जबकि राशि 75 प्रतिशत बढ़ी है।

UPI Transactions: तेजी से डिजिटल हो रही अर्थव्यवस्था

UPI ने लॉन्च होने के लगभग तीन साल बाद यानी अक्टूबर 2019 में पहली बार 1 अरब लेनदेन का आंकड़ा पार किया था। अगला अरब एक साल से कम समय में हासिल कर लिया गया। मतबत अक्टूबर 2020 में UPI ने 2 अब से अधिक लेनदेन प्रोसेस किए। अगले दस महीनों में UPI ने 3 अरब लेनदेन संसाधित किए। भुगतान प्लेटफ़ॉर्म को प्रति माह 3 बिलियन से 4 बिलियन ट्रांजैक्शन तक पहुंचने में केवल तीन महीने लगे।

कोरोना महामारी के कारण आई तेजी

कोरोना महामारी ने पिछले दो वर्षों में देश में डिजिटल भुगतान को अपनाने में तेजी ला दी। महामारी की पहली दो लहरों के दौरान UPI लेनदेन बढ़ रहे हैं। अब यही आदत बन चुकी है। लोग नकदी के बजाए ऑनलाइन ट्रांजैक्शन को पसंद कर रहे हैं।

Posted By: Arvind Dubey

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