Voda-Idea ने सरकार से अजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) की बकाया रकम 15 वर्षों में चुकाने की अनुमति देने का निवेदन किया है। इसके साथ ही कंपनी ने टैक्स रिफंड, लाइसेंस फीस और स्पेक्ट्रम यूसेज चार्ज (एसयूसी) में कमी और टैरिफ की न्यूनतम लिमिट तय करने की भी मांग की है।

इससे कंपनी को बिजनेस बरकरार रखने में मदद मिल सकती है। टेलिकॉम डिपार्टमेंट (डीओटी), वित्त मंत्रालय और नीति आयोग को लिखे पत्र में कंपनी ने कहा है कि उसे बिजनेस में बने रहने के लिए सरकार से मदद की जरूरत है। यह पत्र दूरसंचार विभाग की निर्णय लेने वाली सर्वोच्च संस्था डिजिटल कम्युनिकेशंस कमीशन (डीसीसी) की मीटिंग से एक दिन पहले भेजा गया है। डीसीसी कमजोर माली हालत का सामना कर रही वोडाफोन आइडिया जैसी कंपनियों को राहत देने पर विचार कर सकता है।

वोडाफोन आइडिया ने पत्र में 8,000 करोड़ रुपये के जीएसटी रिफंड की मांग की है। इस रकम को उसके एजीआर बकाया की जगह अजस्ट किया जा सकता है। कंपनी चाहती है कि उसे बाकी बकाया रकम 15 वर्षों की अवधि में चुकाने की अनुमति दी जाए।

विशेषज्ञों का मानना है कि वोडाफोन आइडिया के लिए इस रकम का इंतजाम करना मुश्किल है। वोडाफोन इंडिया और आइडिया सेल्युलर के मर्जर के बाद बनी वोडाफोन आइडिया ने एजीआर बकाया रकम पर राहत न मिलने की स्थिति में बिजनेस से बाहर निकलने की चेतावनी दी है।

वोडाफोन आइडिया के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने पिछले सप्ताह वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और दूरसंचार मंत्री रवि शंकर प्रसाद से मुलाकात करके दूरसंचार उद्योग की मौजूदा स्थिति पर बातचीत की थी।

एजीआर पेमेंट की शर्तें आसान करे सरकारः सीओएआई

दूरसंचार उद्योग के संगठन 'सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया' (सीओएआई) ने सरकार से दूरसंचार कंपनियों पर सांविधिक बकाये के भुगतान की शर्तें आसान करने को कहा है।

सीओएआई ने कहा कि संकट में फंसे क्षेत्र को उबारने के लिए जरूरी है कि सरकार एजीआर की देनदारी चुकाने के दूरसंचार कंपनियों को कम ब्याज दर दर पर कर्ज उपलब्ध कराए। इसके अलावा न्यूनतम टैरिफ की व्यवस्था भी तेजी से लागू किया जाए।

एसोसिएशन ने इस बात पर चिंता जताई है कि बैंकिंग सेक्टर जोखिम उठाने को तैयार नहीं है। सीओएआई ने कहा, 'बैंकों को इस बारे में स्पष्ट संदेश दिया जाना चाहिए कि सरकार दूरसंचार क्षेत्र के साथ खड़ी है।' सीओएआई के महानिदेशक राजन मैथ्यूज ने दूरसंचार सचिव अंशु प्रकाश को लिखे पत्र में कहा, 'बैंक अभी दूरसंचार क्षेत्र के साथ जोखिम लेने को तैयार नहीं हैं। बैंक दूरसंचार कंपनियों को नई बैंक गारंटी जारी करने या बैंक गारंटी के नवीकरण से इनकार कर रहे हैं। दूरसंचार क्षेत्र से कहा जा रहा है कि वे अपना लोन घटाएं।'

पत्र में कहा गया है कि लाइसेंस शुल्क भुगतान गज लिए वित्तीय बैंक गारंटी की जरूरत खत्म किया जाना चाहिए। सीओएआई ने कहा कि यदि दूरसंचार विभाग को लगता है कि वित्तीय बैंक गारंटी जरूरी है तो इसे घटाकर लाइसेंस शुल्क का 25 प्रतिशत किया जाना चाहिए। इसके साथ ही लाइसेंस शुल्क को तत्काल आठ से घटाकर तीन प्रतिशत किया जाना चाहिए।

खास बातें :

- एजीआर बकाये की रकम 15 वर्षों में चुकाने की मांगी अनुमति

- टैक्स रिफंड, लाइसेंस फीस और स्पेक्ट्रम यूसेज चार्ज घटाने की मांग

- दूरसंचार विभाग से टैरिफ की न्यूनतम सीमा तय करने की गुजारिश

कंपनी के लिए बड़ा मसला

- 57,000 करोड़ रुपये चुकाने हैं वोडाफोन एजीआर बकाए के तौर पर

- 3,500 करोड़ चुकाए हैं कंपनी ने अब तक एजीआर बकाए के मद में

- 23,000 करोड़ है वोडाफोन आइडिया के आकलन के अनुसार देनदारी

Posted By: Nai Dunia News Network