रायपुर। प्रकृति की खूबसूरती देखकर मन प्रफुल्लित हो जाता है। रंग-बिरंगे फूलों के बीच चेहरे खुद-ब-खुद खिल उठते हैं। रायपुर का गांधी-नेहरू गार्डन इन दिनों प्रकृति की इसी खूबसूरती से गुलजार है। यहां 1486 किस्म के फल-फूल और सब्जियां नजर आ रहे हैं।

'प्रकृति की ओर' सोसाइटी के सहयोग से उद्यानिकी विभाग द्वारा आयोजित इस प्रदर्शनी में किस्म-किस्म के फूलों की खूबसूरती लोगों को मोह रही है। फूलों की खुशबू से पूरा माहौल सुगंधित और खुशनुमा कर है। तीन दिवसीय प्रदर्शनी लगी है। प्रकृति की ओर के पुष्प, फल और सब्जी प्रदर्शनी में लोगों की भीड़ उमड़ रही है। एक तरफ जहां लोग रंग-बिरंगे विभिन्न तरह के फूलों की सुंदरता को निहार रहे थे, वहीं दूसरी तरफ बोरियाकला शासकीय स्कूल के विद्यार्थियों ने फूलों की रंगोली बनाकर लोगों को हरियाली बनाए रखने का संदेश दे रहे थे।

इस वर्ष इस प्रदर्शनी की प्रतियोगिता में प्रदेश के 27 जिलों के किसानों ने भाग लिया। उद्यान प्रमुख छत्तीसगढ़ शासन मनोज अम्बस्त ने बताया कि प्रदर्शनी प्रांगण में किसानों के माध्यम से 1486 सब्जी/फलों के प्रादर्श व 200 किसानों के उत्पादित फूलों के उपज के प्रादर्श भी प्रतियोगिता में लाए गए। इसमें कई फसल की बेहतर पैदावार है। कृषि उत्पादन से संबंधित उपकरण/खाद/बीज/नर्सरी के पौधे और उद्यानिकी संबंधी गिफ्ट आइटम के उत्पादकों द्वारा विक्रय हेतु स्टाल भी लगाए गए हैं। फल-फूल प्रदर्शनी सोमवार 14 जनवरी को दर्शकों के लिए प्रातः9 बजे से रात 8 बजे तक खुले रहेगी।

इस प्रदर्शनी में बस्तर, जशपुर, सरगुजा में किसानों द्वारा उपजाई गई काली मिर्च, कॉफी और कोको के उत्पाद भी विशेष उल्लेखनीय हैं। ज्ञात हो फल-फूल प्रदर्शनी का समापन समारोह 14 जनवरी सोमवार को शाम पांच बजे सम्पन्न होगा। समापन समारोह के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल होंगे। इस प्रदर्शनी में बोरियाकला स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा बनाई गई फूल की रंगोली लोगों के लिए काफी उत्सुकता बनी।

इसके अलावा साथ-साथ मुख्यमंत्री के चित्र का रंगोली के विशेष प्रदर्शन भी आकर्षण का केंद्र रहा। रविवार को इस प्रदर्शनी में आयोजित चित्रकला, रंगोली प्रतियोगिता में 106 स्कूली छात्रों ने भाग लिया। जिन्होंने विभिन्न विषयों पर रंगोली व चित्रकला की प्रस्तुति दी। इसी तरह से कृषि विश्वविद्यालय, उद्यानिकी विभाग, औषधि पादप बोर्ड, लघु वनोपज उत्पादक संघ व अन्य शासकीय तथा आशासकीय संस्थाओं के भी विशेष स्टाल लगाए गए हैं।

प्रर्दशनी में स्थानीय के अलावा विदेशी कट फ्लावर के गमले आए हैं। इसमें एन्टी राइनम, डायन्थम, जरबेरा, पिटुनिया, केलेन्डुला, सेवंती, रजनीगंधा, विभिन्न रंग के गेंदे से उद्यान महक उठा है। प्रदर्शनी में कृषि विश्वविद्यालय की तरफ से किचन के गंदे पानी को कैसे उपयोगी बनाया जाए, इस पर जानकारी दी जा रही है। वहीं स्ट्राबेरी के सबसे छोटे गमले की भी मांग बहुत रही। खासकर छोटे बच्चे इसे देखने के बाद खरीदने के लिए जिद करते दिखे।

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