रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

कमल विहार के करीब तीन हजार पीड़ित भूस्वामियों की समस्या का समाधान फिलहाल नहीं हो सका है। जमीन अधिग्रहण करने के बदले में उन्हें विकसित प्लाट आवंटित करना है। कमल विहार की प्लानिंग में जमीन अधिग्रहण करने के बाद सीमांकन-बटांकन की पुरानी रिपोर्ट के हिसाब से विकसित प्लाट दिए गए। दरअसल पूर्व में कई लोगों ने अवैध तरीके से प्लाट काटकर बेचा। प्लाट के बीच में रास्ते बनाए गए हैं। इन्ह रास्तों की जमीन के लिए भी दावेदारी पेश की जा रही है। जबकि आरडीए अधिकारियों का कहना है कि हितग्राहियों को लाभ देने के लिए किए गए सर्वे में नियमानुसार कार्रवाई की गई है। जिन्हें लाभ मिलना चाहिए था, उन्हें विकसित जमीन दी गई है। अब रास्ते की जमीन में कब्जा होने के बाद यहां के बदले भी मुआवजा मांगा जा रहा है। वैसे छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी आरडीए अधिकारियों से इस संबंध में मुलाकात कर चुके हैं। महीनों बाद भी दावा-आपत्ति करने वाले हितग्राहियों की समस्या का समाधान नहीं हो सका है। अब आरडीए के नए संचालक मंडल की बैठक में आवश्यक कदम उठाए जाने की उम्मीद है।

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