बिश्रामपुर (नईदुनिया न्यूज)। एसईसीएल के क्षेत्रीय महाप्रबंधक द्वारा क्षेत्रीय मुख्यालय एवं उसके अधीन आने वाली समस्त इकाइयों में आगामी एक सितंबर से कार्यालयीन समय अवधि में परिवर्तन लागू किए जाने के जारी आदेश के निरस्तीकरण की मांग को लेकर मंगलवार शाम को एटक यूनियन में महाप्रबंधक कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन कर प्रबंधन के खिलाफ जमकर हल्ला बोला। इसके पूर्व एटक कार्यकर्ताओं ने हस्ताक्षर अभयिान और काली पट्टी लगाकर आदेश वापसी की मांग की थी। मांग पूरी नही होने पर 22 अगस्त से महाप्रबंधक कार्यालय के समक्ष क्रमिक भूख हड़ताल करने की चेतावनी भी दी हैं।

बता दें कि क्षेत्रीय महाप्रबंधक अमित सक्सेना ने औद्योगिक अधिनियम का हवाला देते हुए समय सीमा में परिवर्तन करने का आदेश जारी किया है। वर्तमान में महाप्रबंधक कार्यालय समेत उसके अधीन आने वाली समस्त इकाइयों में डयूटी की समय सीमा सुबह नौ बजे से दोपहर एक बजे तक एवं दोपहर तीन बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक निर्धारित है। इसमें आगामी एक सितंबर से बदलाव करते हुए आठ घंटा डयूटी के तहत कार्यालयीन समय सुबह नौ बजे से दोपहर दो बजे व दोपहर तीन बजे से शाम छह बजे निर्धारित करने का आदेश महाप्रबंधक ने जारी किया है। एसकेएमएस एटक के केंद्रीय अध्यक्ष अजय विश्वकर्मा ने कहा कि इस मामले में भी बीएमएस प्रबंधन गलत नीति अपना रहा है। उन्होंने प्रबंधन पर हिटलर शाही का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रबंधन कार्यालयीन समय सीमा में परिवर्तन कर तानाशाही रवैया अख्तियार कर रहा है। प्रबंधन का श्रमिक विरोधी उक्त निर्णय वापस नहीं होने पर एटक यूनियन श्रमिक हित में उग्र आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेगा। अन्य वक्ताओं ने भी प्रबंधन के ऊपर निर्णय का विरोध करते हुए प्रबंधन पर हल्ला बोला। धरना प्रदर्शन करने वालों में एटक यूनियन के क्षेत्रीय अध्यक्ष हीरालाल, महामंत्री पंकज गर्ग समेत बीसी जैन, सुदर्शन सेठी, विनोद सिंह, सजल मित्रा, राजेश त्रिपाठी, राजेंद्र प्रसाद, मनोज कुमार, कामदेव सिंह, हरगोविंद सिंह, नागेंद्र पंडित शामिल थे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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