प्रतापपुर (नईदुनिया न्यूज)। जगन्नााथपुर के महान तीन खदान में बुधवार उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया जब एसईसीएल द्वारा कोयला उत्पादन के पूर्व मशीनों से ओवर बर्डन के लिए नई जमीनों की खोदाई शुरू की गई। जानकारी मिलते ही वहां बड़ी संख्या में ग्रामीण जिला पंचायत सदस्य मंजु संतोष मिंज की अगुवाई में पहुंच गए। आक्रोशित ग्रामीणों ने एसईसीएल पर बिना अनुमति के उनकी जमीन को अधिग्रहित करने का आरोप लगाते हुए खनन कार्य को रुकवा दिया। इससे वहां विवाद की स्थिति निर्मित हो गई। मौके पर पहुंचे एसईसीएल के अधिकारियों ने कलेक्टर इफ्फत आरा को वस्तुस्थिति से अवगत कराया। उन्होंने पुलिस अधीक्षक रामकृष्ण साहू को मौके पर पुलिस बल भेजकर स्थिति संभालने के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सूरजपुर जिला पुलिस, प्रतापपुर व चंदौरा थाना तथा खड़गवां व रेंवटी चौंकी से भारी संख्या में पुलिस बल की मौके पर तैनाती कर दी गई। मौके पर एसडीओपी अमोलक सिंह ढिल्लो, अनुविभागीय अधिकारी दीपिका नेताम व तहसीलदार तेजू राम यादव दिन भर डटे रहे। नाराज ग्रामीण एसईसीएल द्वारा कराए जा रहे कार्य को रूकवाने के बाद पुलिस से भी विवाद करने लगे। ग्रामीण एसईसीएल द्वारा कराए जा रहे कार्य को बंद कराने की मांग पर अड़े रहे। कई जगहों पर उन्होंने कार्य भी बंद करा दिया। ग्रामीणों का कहना है कि एसईसीएल उनकी खेती की जमीनों को बलपूर्वक छीन रहा है। उन्होंने एसईसीएल को अभी तक अपनी जमीनों को अधिग्रहित करने की मंजूरी नहीं दी है और न ही उन्हें एसईसीएल ने जमीनों को अधिग्रहित करने को लेकर कोई सूचना दी है।

नौकरी व मुआवजे के लिए लगाई गुहार-

फोटो 12- अधकिारी से गुहार लगाता ग्रामीण

इलाके के ग्रामीण अनुविभागीय अधिकारी नेताम से एसईसीएल द्वारा उनकी ली गई जमीनों के बदले मुआवजा व नौकरी दिलाने की गुहार लगाते रहे। किसानों में अपनी खेती की जमीन चले जाने का अफसोस भी नजर आया। बता दें कि यहां पर सैंकड़ों किसानों के दो एकड़ से लेकर बीस एकड़ तक खेतों को एसईसीएल ने महान तीन योजना अंतर्गत अपने रिकार्ड में दर्ज करा लिया है। उधर एसईसीएल के अधिकारियों का कहना है कि किसानों की जमीनों को नियमानुसार अधिग्रहित किया गया है। इसके लिए उनकी अनुमति लेकर ही खनन का कार्य शुरू किया गया है। विवाद देर शाम तक चलता रहा और किसान खनन वाली जगह पर डटे हुए थे।

बयान-

यहां पर मेरी भी 19 एकड़ खेती की पुश्तैनी जमीन है जिसे एसईसीएल ने बिना सूचना, बिना मुआवजा दिए हथिया लिया है। मैं और बाकी सभी किसान अपनी जमीनों को एसईसीएल को खुशी-खुशी देने को तैयार हैं मगर शर्त यह है कि एसईसीएल को हमारी जमीनों से प्राप्त कोयले से जो भी लाभ होगा उसका आधा हिस्सा एसईसीएल को हम लोगों को भी देना होगा। इसके लिए एसईसीएल को हम लोगों से एक अनुबंध करना होगा तभी हम पीछे हटेंगे, वरना यहीं डटे रहकर अपनी जमीन को बचाने के लिए संघर्ष करते रहेंगे।

मंजु मिंज

जिपं सदस्य व सभापति वन समिति

Posted By: Nai Dunia News Network

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