Ambikapur News: राजपुर( नईदुनिया न्यूज)। शिक्षा,स्वास्थ्य और नौकरी का लालच देकर मतांतरण कराने के प्रयास को लेकर गुरुवार को राजपुर में पूरे दिन बवाल मचा रहा।ईसाई और हिंदू समाज के लोगों के बीच टकराव की स्थिति निर्मित हो गई।भारी विरोध और सडकजाम के बाद आखिरकार पुलिस ने देर शाम मतांतरण कराने के प्रयास के आरोप पर राजपुर के ग्राम पहाड़खड़ूआ निवासी अनिल कुजुर के साथ शंकरगढ थाना क्षेत्र के ग्राम सरगवां निवासी शिसन बशील तिग्गा,लोधी निवासी धरमलाल तिर्की व सरिमा निवासी जीवित लाल तिर्की के विरुद्ध नामजद अपराध पंजीबद्ध कर लिया। इन चारों को बुधवार की रात को ही पुलिस ने पकड़ लिया था। कार्रवाई में विलंब के कारण सुबह से राजपुर में माहौल बिगड़ा हुआ था।

कैसे शुरु हुआ विवाद?

विवाद की शुरुआत बुधवार रात को हुई थी। राजपुर के पहाड़खड़ूआ ग्राम में बुधवार की रात बाहर से कुछ लोगों के आने की सूचना भाजपा कार्यकर्ताओं को मिली थी।रात को यह खबर तेजी से प्रसारित हुई कि एक ग्रामीण के घर प्रार्थना सभा का आयोजन कर लोगों को धर्म विशेष से जोड़ने प्रलोभन दिया जा रहा है।मतांतरण की कोशिश की जा रही है।तब गांव के कुछ लोगों और भाजपा नेताओं ने राजपुर पुलिस को सूचना दे दी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए रात में ही पुलिस टीम भी मौके पर पहुंच गई।एक ग्रामीण के घर भीतर से दरवाजा बंद कर उपदेश देने की आवाज बाहर तक आ रही थी।जब घर का दरवाजा खुलवाया गया तो वहां 20 से 24 लोग जमीन पर बैठे थे।अचानक पुलिस टीम को देखकर अफरातफरी मच गई। चंगाई सभा के नाम पर आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से मतांतरण कराने का आरोप लगाया जाने लगा।रात को आयोजन को लेकर बाहर से आए लोगों द्वारा कोई संतोषप्रद जबाब नहीं दिया जा सका।मतांतरण की शिकायत पर देर रात पुलिस अधिकारी भी तहसीलदार को साथ लेकर गांव में पहुंचे।तहसीलदार ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों का बयान दर्ज किया। मामला संदिग्ध प्रतीत होने पर रात में ही चार लोगों को पकड़ कर राजपुर थाने लाया गया था लेकिन दोपहर तक किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं होने के कारण माहौल बिगड़ता चला गया।

बाद में बढ़ गया विवाद

उधर सुबह से ईसाई समाज के लोग राजपुर थाना व आसपास जमा होने लगे थे।दोपहर में भाजपा व हिंदू एकता मंच से जुड़े लोगों ने थाने पहुंचकर कार्रवाई को लेकर एसडीओपी से चर्चा की थी।एसडीओपी रितेश चौधरी ने जांच के बाद कार्रवाई का भरोसा दिया था।तब तक सब कुछ सामान्य था। थाने से हिंदू समाज के लोगों के बाहर निकलने के बाद यह सूचना मिली कि जिस व्यक्ति के घर कथित रूप से मतांतरण को लेकर आयोजन हुआ था उसे ईसाई समाज के लोगों ने अपने कब्जे में रख बयान बदलवाने दबाब डाल रहे हैं। इससे हिंदू समाज के लोग आक्रोशित हो उठे। जब वे मंदिर परिसर पहुंचे तो विवाद बढ़ गया।दोनों पक्षों के बीच झूमाझटकी शुरू हो गई। किसी तरह पुलिस ने मामले को शांत कर लिया था लेकिन घटना को लेकर दोनों पक्षों के आमने-सामने आ जाने से तनाव बना हुआ था।

मामला दर्ज करने को लेकर सड़क जाम

राजपुर में मतांतरण के आरोप को लेकर विवाद की खबर पर बड़ी संख्या में भाजपा नेता भी राजपुर पहुंच गए थे।भाजपा जिला अध्यक्ष ओम प्रकाश जायसवाल, रामकिशुन सिंह, रामलखन पैकरा, पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष शिवनाथ यादव,प्रवीण अग्रवाल भाजपा सूचना का अधिकार प्रकोष्ठ के जिला संयोजक उमेश झा, भाजपा जिला मंत्री संजय सिंह, नगर पंचायत उपाध्यक्ष जयगोपाल अग्रवाल,जिला पंचायत सदस्य अंकुश सिंह, प्रदीप जायसवाल, कमला सिंह धरम सिंह, इंदर भगत, दीपक मित्तल,संतोष तिवारी, बंशीधर अग्रवाल सहित हिंदू एकता मंच के लोग मतांतरण के आरोप पर नामजद अपराध पंजीकृत करने की मांग पर अड़ गए थे।इन्होंने सड़क जाम कर दिया था।इस दौरान एसडीएम भरत कौशिक, एसडीओपी रितेश चौधरी लगातार प्रदर्शनकारियों के साथ प्रदर्शन समाप्त कराने के प्रयास में लगे थे। सड़क जाम के दौरान ही यह बताया गया कि चारों लोगों पर एफआइआर पंजीकृत हो गया है तब सड़क जाम समाप्त किया गया।तब तक मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई थी।

जिसके घर में आयोजन उसी ने कराई रिपोर्ट

पहाड़खड़ूआ के जिस सोहल साय के घर आयोजन चल रहा था,उसी की लिखित शिकायत पर एफआइआर की गई है।सोहल साय द्वारा दर्ज शिकायत के मुताबिक उसके ग्राम का अनिल कुजुर ईसाई धर्म को मानता है।वह लगातार सोहल को प्रेरित कर रहा था कि यदि वह ईसाई धर्म अपना लेता है तो उसकी सारी परेशानी दूर हो जाएगी।बीच मे शेष अन्य आरोपित शिसन बसिल तिग्गा,धरमलाल तिर्की,जीवित लाल तिग्गा ने भी उसे प्रलोभन दिया था।रिपोर्ट के मुताबिक शिकायतकर्ता को यह भरोसा दिया गया था कि यदि वह ईसाई धर्म अपना लेता है तो बच्चों को अच्छे स्कूल में पढ़ाई,बड़े होकर अच्छी नौकरी,परिवार को मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी।रुपए भी मिलेंगे।उसकी सारी दुख तकलीफ दूर हो जाएगी।इसी लिखित शिकायत पर पुलिस ने नामजद प्रकरण पंजीबद्ध किया है।

एफआइआर के बाद शांत हुआ मामला

मतांतरण के प्रयास के मामले को लेकर दिनभर राजपुर में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ था लेकिन पुलिस व प्रशासन की सक्रियता से मामले को शांत कराने में सफलता मिली, उसके पहले महामाया मंदिर परिसर,थाने के आसपास माहौल तनावपूर्ण बना हुआ था।थाने के सामने एकत्रित लोगों को एक बार खदेड़ना भी पड़ा।मतांतरण के आरोप को लेकर विवाद शुरू हुआ था लेकिन महामाया मंदिर परिसर में हुई घटना ने माहौल को और बिगाड़ दिया था। इसे धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ बता कर हिंदू समाज के लोग भी सड़क पर उतर आए थे।शाम को मामला शांत होने के बाद हिंदू समाज के लोग गांधी चौक पर एकत्रित हुए और मतांतरण के विरुद्ध एकजुटता का आह्वान किया।

अधिकारियों ने संभाली स्थिति

राजपुर में हुए घटनाक्रम को लेकर कलेक्टर विजय दयाराम व पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग सजग थे।पूरी स्थिति पर उनकी नजर थी।पुलिस व प्रशासन ने सूझबूझ से निर्णय लिया।विरोधाभाषी बयानों के कारण पहले एफआइआर पंजीकृत करने के बजाय वस्तुस्थिति की जांच की जा रही थी कि वास्तव में हुआ क्या है?क्योंकि घटना को लेकर अलग-अलग बातें निकल कर सामने आ रही थी लेकिन स्थानीय स्तर पर स्पष्ट निर्देश थे कि दबाब में आकर किसी के विरुद्ध कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।जांच और शिकायत के आधार पर जो सही है उसी अनुरूप वैधानिक कार्रवाई होनी चाहिए इसलिए एसडीएम भरत कौशिक व एसडीओपी रितेश चौधरी भी राजपुर में ही जमे हुए थे। शिकायतकर्ता के सामने आने और लिखित शिकायत पर पुलिस ने एफआइआर पंजीकृत कर लिया। पूरी घटना के दौरान पुलिस को भी सतर्क रखा गया था।

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Posted By: Nai Dunia News Network

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