अंबिकापुर। Ambikapur News: अविभाजित सरगुजा के विकास पुरुष कहे जाने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री लरंगसाय की प्रतिमा 12 वर्षों के बाद भी स्थापित नहीं हो सकी है। आज भी नगर पालिका कार्यालय बलरामपुर के बाहर उनकी प्रतिमा धूल खा रही है।जनप्रतिनिधि और अधिकारी काका लरंगसाय की प्रतिमा को स्थापित करने कोई पहल नहीं कर रहे है। वर्ष 2008 में बलरामपुर नगर पंचायत के द्वारा करीब आठ लाख रुपए की लागत से पूर्व केंद्रीय मंत्री लरंगसाय की प्रतिमा बनवाई गई थी ताकि उनके नाम से चौक का नामकरण कर प्रतिमा स्थापित हो सके। परंतु 12 वर्ष बीत जाने के बाद भी प्रतिमा स्थापित नहीं हो सकी है।

प्रतिमा को अभी भी चेहरा ढक कर नगर पालिका कार्यालय बलरामपुर के बाहर रखा गया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री लरंगसाय को विकास पुरुष कहा जाता हैं।उनकी सादगी एवं इमानदारी के चर्चे आज भी मिसाल हैं जिस प्रकार से उन्होंने क्षेत्र के विकास के लिए समर्पण भाव से कार्य किया परंतु उन्हें जो सम्मान मिलना चाहिए था वह नहीं मिल पाया है। भाजपा से जुड़े लरंगसाय तेज तर्रार आदिवासी नेता थे।दिल्ली तक सरगुजा की आवाज उन्होंने पहुंचाई थी।छत्तीसगढ़ को झारखंड से जोड़ने वाले मार्ग पर कनहर नदी पर पुल का निर्माण उन्ही की देन रही। वे ऐसे जननेता थे जिनके जीवित रहते है विश्रामपुर से नईदिल्ली तक सीधी रेल सुविधा के तहत लरंगसाय बोगी आरंभ हुई थी। विश्रामपुर से अनूपपुर जाने वाली ट्रेन में यह बोगी जुड़ कर अनूपपुर तक जाया करती थी।उनके जीते जी ही रामानुजगंज शहर में उनकी प्रतिमा स्थापित की गई थी।

पुराने कलेक्ट्रेट चौक के पास स्थापित होनी थी प्रतिमा

लरंगसाय की प्रतिमा पुराने कलेक्ट्रेट चौक के पास स्थापित होनी थी जहां पर कुछ निर्माण कार्य भी चौक बनाने के लिए हुआ था, परंतु निजी भूमि पड़ जाने के कारण विवाद की स्थिति निर्मित हुई जिसके बाद वहां प्रतिमा स्थापित नहीं हो सकी थी। नगरपालिका बलरामपुर में भाजपा के सत्तासीन होने के बाद भी यह काम नहीं हो सका।

नगरपालिका का मिल चुका है दर्जा

सन 2008 में जब लरंगसाय की प्रतिमा मंगाई गई थी तब बलरामपुर नगर पंचायत था जो 2015 में नगरपालिका बना। परंतु लरंगसाय की प्रतिमा स्थापित नहीं हो सकी। इस दौरान भाजपा भी नगरपालिका में काबिज हुई, लेकिन उन्होंने भी लरंगसाय की प्रतिमा स्थापित करने रुचि नहीं दिखाई। लरंगसाय की प्रतिमा स्थापित करने के लिए कलेक्टर निवास के समीप भी चबूतरा का निर्माण किया गया है परंतु वहां भी प्रतिमा स्थापित नहीं हो सकी।

भाजपा जिला प्रवक्ता धर्मेंद्र दुबे ने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यनक है कि आज 12 वर्षों के बाद भी अविभाजित सरगुजा के विकास पुरुष कहे जाने वाले स्वर्गीय लरंगसाय की प्रतिमा धूल खा रही है। उनकी प्रतिमा को तत्काल स्थापित किए जाने की आवश्यकता है।

मुख्य नगरपालिका अधिकारी तरुण कुमार एक्का ने कहा कि मेरी यहां पदस्थापना फरवरी में हुई थी जिसके बाद से ही मेरा प्रयास था कि लरंगसाय की प्रतिमा को स्थापित हो जाए परंतु इस बीच लाकडाउन होने के कारण प्रतिमा स्थापित किया जाना संभव नहीं हो सका मेरा प्रयास है कि जल्द से जल्द लरंगसाय की प्रतिमा का अनावरण और स्थापना कर दी जाए।

Posted By: Himanshu Sharma

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