अंबिकापुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। सरगुजा जिले के मैनपाट और रायगढ़ जिले के कापू वन क्षेत्र के सीमावर्ती इलाके में पिछले आठ माह से 15 हाथियों का दल विचरण कर रहा था। इनमें से 14 हाथी तो पुराने विचरण मार्ग पर आगे बढ़ते हुए पत्थलगांव की ओर चले गए हैं लेकिन दल का एक हाथी मैनपाट वन परिक्षेत्र में ही विचरण कर रहा है। दल से अलग यह हाथी मैनपाट में लगातार जान-माल को नुकसान पहुंचा रहा है। अकेले घूम रहे हाथी ने एक ग्रामीण को कुचल कर मार डाला। अकेला होने के कारण यह ज्यादा आक्रामक भी है इसकी सही तरीके से निगरानी कर पाने में भी वन विभाग के कर्मचारियों को दिक्कत हो रही है। रविवार की रात हाथी विचरण करते हुए बावा पहाड़ से लगे पहाड़ी कोरवाओं की बस्ती की ओर चला गया। यहां हाथी के आने की आहट पाकर झोपड़ियों में निवास कर रहे लोग रात के अंधेरे में जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे। इसी दौरान संझुराम पहाड़ी कोरवा 45 वर्ष का हाथी से सामना हो गया। हाथी ने उसे कुचल कर मार डाला। सुबह जब लोग घरों की ओर लौटे तब पहाड़ी कोरवा का शव नजर आया। सूचना पर वन विभाग की टीम ने मृतक के आश्रितों को तात्कालिक आर्थिक सहायता राशि प्रदान कर दी है। बता दें कि ओडिशा के हाथियों का दल हर वर्ष दिसंबर,जनवरी के महीने में मैनपाट पहुंच जाता है। मैनपाट और कापू वन परिक्षेत्र के सीमावर्ती जंगल में रहकर शाम होते ही आबादी क्षेत्रों को विचरण करने वाला यह दल इस साल भी लगभग आठ महीने तक क्षेत्र में मौजूद रहा। हाथियों का यह दल मैनपाट,बोरो तथा लखनपुर वन परीक्षेत्र तक विचरण कर लगातार जानमाल को नुकसान पहुंचाता रहा। लगभग आठ महीने बाद दल में शामिल 14 हाथी अपने निर्धारित वितरण क्षेत्र से आगे बढ़ते हुए पत्थलगांव की ओर चले गए लेकिन एक हाथी मैनपाट में ही छूट गया है।दल से अकेला होने के कारण हाथी का व्यवहार भी आक्रामक हो चुका है। यह हाथी अकेले ही मैनपाट वन परिक्षेत्र में विचरण कर रहा है। अकेला होने के कारण सही तरीके से निगरानी भी नहीं हो पाती। मैनपाट में मौसम भी प्रतिकूल है। बारिश और धुंध के कारण पहले से ही वन कर्मचारी परेशान रहते हैं। ऊपर से रात के अंधेरे में हाथी कब किस ओर चला जाए इसका सही अंदाजा भी नहीं लग पाता। ऐसे में जनहानि की संभावना बढ़ गई है। प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों को लगातार सतर्क किया जा रहा है कि वे शाम होते ही सुरक्षित स्थानों की ओर चले जाएं। बस्ती में कहीं पक्का मकान हो तो वहां शरण ले लें ताकि रात के अंधेरे में हाथी के आने से कोई घटना ना हो।

Posted By: Nai Dunia News Network

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