अम्बिकापुर। अयोध्या मामले में फैसला आने से पहले और बाद में भी सरगुजा में आम जन जीवन रोज की तरह ही है।सभी स्कूल,कॉलेज रोज की तरह खुले हुए हैं।बाजार भी खुला है।सुबह से फैसले के इंतजार में लोग टीवी से चिपके रहे।फैसला आने के बाद भी कही कोई सार्वजनिक रूप से सामने नही आया।जहां भी लोग एक साथ बैठे नजर आए चर्चा सिर्फ अयोध्या मसले पर ही होती रही।

एहतियात के तौर पर संवेदनशील स्थलों पर पुलिस मुस्तैद नजर आई।फिक्स पॉइंट के बजाय सामान्य वाहनों में पुलिस टीम शहर व संवेदनशील ग्रामीण क्षेत्रों में गश्त करती नजर आई।चौक चौराहों में भी पुलिसकर्मियों को ज्यादा संख्या में तैनात नही किया गया था।सोशल मीडिया पर भी खास नजर रखी जा रही है।

सरगुजा में सभी वर्ग फैसले का सम्मान करते नजर आए।यहां कुछ संगठनों से जुड़े युवाओं द्वारा एक दिन पहले फैसले के आधार पर जश्न की तैयारी में थे लेकिन प्रबुद्धजनों की समझाइश और पुलिस की सक्रियता से कोई भी सामने नही आया।

पुलिस रही अलर्ट, शराब दुकान बंद

कोरबा। हर व्यक्ति यह जानने को आतुर था कि देश की सर्वोच्च अदालत देश के सर्वोच्च विवाद पर क्या फैसला सुनाती है। कोरबा की फिजा में अमन शांति, सौहाद्र और संयम घुला है।भाईचारे और समझदारी को लोग भली-भांति समझते हैं, हालांकि उत्साह कभी-कभी सीमा तोड़ देती है ! इसके लिए हर संवेदनशील क्षेत्र में पुलिस मौजूद रही ! जुलूस या नारेबाजी के भीड़ सड़क पर ना निकले इसका ख्याल रखा गया।

ईद मिलादुन्नबी पर्व को शांति और सौहार्द्र पूर्ण मनाने और अयोध्‍या मसले पर शांति पूर्ण माहौल बनाये रखने के लिए कलेक्टोरेट सभागार में शांति समिति की बैठक चल रही है, डिप्टी कलेक्टर संजय अग्रवाल, उप पुलिस अधीक्षक उदयक़ीरण सहित राजनैतिक दल, मुस्लिम कमेटी आदि के सदस्य उपस्थित हैं।

Posted By: Hemant Upadhyay