अंबिकापुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। होलीक्रास वीमेंस कालेज में सामाजिक कार्य विभाग एवं राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के संयुक्त तत्वावधान में गेट कीपर्स व आत्महत्या के रोकथाम विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें आत्महत्या को लेकर वक्ताओं ने कई जानकारियां दी और इसके कारण और निदान पर अपनी बातें रखीं। सकारात्मक विचारों के साथ जीवन शैली में बदलाव से आत्महत्या रोकथाम पर सभी वक्ताओं ने बल दिया।

आयोजन के पहले दिन सहायक प्राध्यापक डॉ. सीमा मिश्रा ने महाविद्यालय परिवार की ओर से अपना उद्बोधन दिया, जिसमें कई बिंदूओं पर अपनी बातें रखीं। कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में सीएमएचओ डॉ. पीएस सिसोदिया, डॉ. पीके सिन्हा, डॉ. प्रणव ठाकुर, वहीर्दुरहमान, पी. अतीत राव के साथ महाविद्यालय के साथ सभी विभागाध्यक्षों की उपस्थिति में उक्त विषय पर वक्ताओं ने विचार रखे। महाविद्यालय की उप प्राचार्य डॉ. सिस्टर मंजू टोप्पो ने कहा कि आशावान व सकारात्मक रहने से ही हम आत्महत्या जैसे मामलों से दूर रह सकते हैं। मुख्य अतिथि डॉ. सिसोदिया ने बताया कि गेटकीपर शब्द का अर्थ बहुत गंभीर है। जब तक हम अपने विचारों को सकारात्मकता की ओर नहीं ले जाएंगे, हम नकारात्मकता के कारण आत्महत्या जैसे आत्मघाती कदम की ओर बढ़ेंगे। हमें इससे दूरी बनाने हमेशा सकारात्मक विचार रखने होंगे। प्रशिक्षक व सहजकर्ता अतीत राव ने आत्महत्या की रोकथाम से संबंधित प्रशिक्षण दिया और अलग-अलग गतिविधियों, संवाद व लघु फिल्मों के माध्यम से जानकारी दी। कार्यशाला के दूसरे दिन प्रशिक्षक के द्वारा जीवन कौशल से संबंधित जानकारियां प्रदान की गईं। अलग-अलग गतिविधियों के माध्यम से जीवन जीने की कला व कौशल बताया। सभी ने सकारात्मक विचारों के साथ तनाव व दबाव मुक्त जीवन शैली अपनाने की सीख दी। महाविद्यालय में आयोजित इस कार्यशाला में समाज कार्य विभाग की छात्राओं ने जीवन कौशल से संबंधित प्रेरक नृत्य प्रस्तुत किया। कार्यशाला में आए अतिथियों का आभार प्रदर्शन प्राचार्य डॉ. सिस्टर शांतम्मा जोसेफ ने किया। उन्होंने छात्राओं को सकारात्मक विचारों के साथ संघर्ष करते हुए आगे बढ़ने आह्वान किया। कार्यक्रम में सहायक प्राध्यापक हिंदी ज्योति कमल व डॉ. प्रणव ठाकुर, वहीर्दुरहमान, अल्मा मिंज, ममता भगत, अनुप्रियंका सहित अन्य प्राध्यापकगणों का सहयोग रहा।

Posted By: Nai Dunia News Network