अंबिकापुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। सोमवार देर रात तेज आंधी-बारिश के बीच अंबिकापुर-अनूपपुर रेलखंड में उदलकछार और दर्रीटोला स्टेशनों के बीच ओवरहेड वायर टूट गया। इसी दौरान वहां से गुजर रही एक मालगाड़ी का पेंटो उस वायर में फंस गया। इससे पूरे रेलखंड में ट्रेनों की आवाजाही थम गई। इसी दौरान अंबिकापुर से दुर्ग जा रही ट्रेन को दर्रीटोला स्टेशन में ही रोकना पड़ा। यह ट्रेन करीब पांच घंटे तक यहां खड़ी रही। रेलवे के मैकेनिकल व विद्युत विभाग की टीम ने रात में ही मरम्मत का काम शुरू किया। लगभग 300 मीटर ओवरहेड तार को नए सिरे से लगाने में कर्मचारियों को मशक्कत करनी पड़ी। देर रात शुरू हुआ सुधार कार्य सुबह साढ़े नौ बजे तक चला। चूंकि ओएचई तार लगाने और सुधार का काम पूरा नहीं हो पाया था लिहाजा पटरी को खाली करने के बाद अंबिकापुर-दुर्ग ट्रेन को डीजल इंजन के सहारे दर्रीटोला से उदलकछार तक लाया गया फिर सुबह करीब छह बजे यह ट्रेन गंतव्य के लिए रवाना हुई। इसी तरह दुर्ग से अंबिकापुर आ रही ट्रेन को उदलकछार से दर्रीटोला तक डीजल इंजन से जोड़कर लाया गया फिर आगे इलेक्ट्रिक इंजन के सहारे भेजा गया। सुबह अंबिकापुर से जबलपुर जा रही ट्रेन भी करीब 10 बजे उदलकछार से रवाना हुई। मौसमी आपदा के कारण सभी ट्रेनों की आवाजाही कई घंटे प्रभावित रही। रेलवे प्रबंधन के मुताबिक इस रेलखंड में अब मरम्मत का काम पूरा कर लिया गया है और ट्रेनों का परिचालन सामान्य हो गया है।

अंबिकापुर स्टेशन प्रबंधक मनोज खलखो के अनुसार देर रात करीब 12.30 बजे तेज हवा और बारिश के बीच उदल कछार और दर्रीटोला स्टेशन के बीच ओवर हेडतार टूट गया। इसकी सूचना रेलवे स्टेशन के अधिकारियों को मिल गई थी। इसलिए अंबिकापुर दुर्ग ट्रेन को उदलकछार में रोक दिया गया। यह ट्रेन करीब पांच घंटे खड़ी रहने के बाद करीब छह बजे दुर्ग के लिए रवाना हुई। दुर्ग से अंबिकापुर आ रही ट्रेन भी करीब तीन घंटे तक यहां रूकी रही और सुबह 9.45 बजे अंबिकापुर पहुंची। अंबिकापुर-जबलपुर ट्रेन भी अपने निर्धारित समय से लगभग दो घंटे विलंब से छूटी। इस ट्रेन को भी दर्रीटोला में काफी देर तक रोकना पड़ा। मरम्मत और सुधार काम के बाद सुबह करीब 9.45 बजे इस लाइन में ट्रेनों की आवाजाही सामान्य हो पाई।

डीजल इंजन बना बड़ा सहारा-

उदलकछार एवं दर्रीटोला के बीच ओएचई तार की मरम्मत के कारण अंबिकापुर-दुर्ग के अलावा दुर्ग-अंबिकापुर ट्रेन खड़ी रही। दोनों ट्रेनों को गंतव्य तक रवाना करने सुबह पांच बजे एक डीजल इंजन मंगाया गया। इस इंजन के सहारे ही अंबिकापुर-दुर्ग अप व डाउन ट्रेन को टूटे वाले हिस्से से आगे ले जाया गया। इसके बाद ये दोनों ट्रेनों आगे रवाना हुई। सुबह 9.30 बजे तक मरम्मत का काम पूरा होने के बाद अंबिकापुर-जबलपुर ट्रेन को करीब पौने दस बजे आगे के लिए रवाना किया गया।

रातभर ट्रेन खड़ी होने से परेशानी रहे यात्री-

रात साढ़े दस बजे अंबिकापुर से छूटकर दुर्ग जाने वाली ट्रेन देर रात करीब एक बजे दर्रीटोला स्टेशन पहुंच गई जहां उसे रोक दिया गया। आगे तार टूटे होने एवं मरम्मत काम चलने के कारण रात भर यह यात्री गाड़ी उसी स्टेशन में रुकी रही। अंधेरे में यात्रियों ने ट्रेन में बैठकर और प्लेटफार्म में टहल कर रात गुजारी। सुबह करीब छह बजे ट्रेन के आगे रवाना होने से यात्रियों को राहत मिली।

Posted By: Nai Dunia News Network

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