अंबिकापुर । नईदुनिया प्रतिनिधि

जिले के बतौली विकासखंड अंतर्गत पोकसरी गांव के कई किसानों की भूमि पर लगे कच्ची फसलों को कथित रूप से वनभूमि पर कब्जे की कोशिश बताकर जबरन क्षतिग्रस्त करते हुए वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा काट दिए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। भाजयुमो सरगुजा के एक प्रतिनिधिमंडल ने डीएफओ से मुलाकात कर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने ग्राम पोकसरी के प्रभावित किसानों के घर जाकर पूरे मामले की जानकारी लेने के बाद सरगुजा वनमंडलाधिकारी पंकज कमल से मुलाकात कर पूरे प्रकरण की जांच करते हुए किसानों को मुआवजा दिए जाने की मांग की है। भाजयुमो का आरोप है कि सुनियोजित साजिश के तहत कच्ची फसल को काट कर नुकसान पहुंचाया गया है। भाजयुमो की जांच टीम में शामिल कोरबा से आए भाजयुमो प्रदेश मंत्री राजेश यादव ने बताया कि किसानों की कच्ची फसलों को बिना किसी सूचना या नोटिस के वन विभाग के कर्मियों द्वारा काट दिया गया जिसमें पूर्ण रूप से भू-माफियाओं और वन विभाग की मिलीभगत दिख रही है। इस प्रकार से दबाव बनाकर भूमि खाली करवाने का काम क्षेत्र में खुले आम किया जा रहा है। जिला महामंत्री संजय सोनी ने कहा कि प्रभावित किसानों को वर्तमान में अपने नुकसान की भरपाई के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। किसानों ने जिला कलेक्टर को भी आवेदन देकर अपनी बात रखी थी पर कोई सुनवाई नहीं होता देख वे काफी निराश और डरे हुए हैं। किसानों के पास खेतों की जबरन कटाई करते हुए संदिग्ध लोगों का वीडियो भी है जिसे वे प्रमाण के रूप में अन्य दस्तावेजों के साथ रखे हुए हैं जिसमें उनके स्वयं की भूमि होने के दस्तावेज भी शामिल हैं। संजय सोनी ने कहा की अगर इस मामले में लापरवाही हुई तो युवा मोर्चा बड़े आंदोलन की तैयारी करेगी। वनमंडलाधिकारी से मुलाकात कर युवा मोर्चा के पदाधिकारियों ने इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच सहित दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। जांच हेतु गए प्रतिनिधिमंडल में भाजयुमो प्रदेश मंत्री जयंत मिंज, संतोष दास, विश्वविजय सिंह तोमर, शानू कश्यप, विकास गुप्ता, संजीव वर्मा, वीर सोनी, विशाल सिंहदेव, ईश्वर यादव, अनुराग शुक्ला, रोहित सिंह राजपूत, गणेश केशरी, प्रतीक कश्यप सम्मिलित रहे।

Posted By: Nai Dunia News Network