अंबिकापुर। Chhattisgarh: सरगुजा जिले का पिलखा पहाड़ इको टूरिज्म सेंटर के रूप में विकसित होगा। ग्रामीणों की सहभागिता के साथ इस पहाड़ को पर्यटन केंद्र के बनाने की तैयारी की जा रही है। जिला पंचायत सदस्य आदित्येश्वर शरण सिंहदेव ने प्रदेश के पंचायत मंत्री टीएस सिंहदेव से चर्चा कर पिलखा पहाड़ को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना बनाई है। गुरुवार को जिला पंचायत उपाध्यक्ष राकेश गुप्ता के साथ अन्य जनप्रतिनिधि व वनमंडल अधिकारी पंकज कमल सहित वन अधिकारियों की टीम के साथ पहाड़ के लगभग 10 किलोमीटर एरिया का पैदल भ्रमण किया। पूरे इलाके में भ्रमण के बाद यह निर्णय लिया गया है कि पहले सरगुजा क्षेत्र में आने वाले पहाड़ को फेंसिंग कर सुरक्षित कर लिया जाए ताकि वन्य जीव भी नीचे उतर कर ग्रामीणों के फसलों को नुकसान न पहुंचा सकें।

यहां वन्य जीव एवं मानव में संघर्ष की भी स्थिति है। इस कारण पहले वन्य जीवों की सुरक्षा के उपाय किए जाएंगे। इसके बाद यहां अन्य विकास कार्य होंग। शहर से 15 किलोमीटर दूर स्थित यह पहाड़ जिले की पहचान है। इस पहाड़ को लेकर स्थानीय स्तर पर कई गीत भी रचे जा चुके हैं। यह काफी पुराना जंगल है, जहां कभी वन्य जीवों की बड़ी संख्या थी। धीरे-धीरे संख्या में कमी आ गई और अब केवल भालू,जंगली सुअर, लकड़बग्घा, सियार व चीतल प्रजाति के वन्य जीव मौजूद हैं। अक्सर यहां भालुओं के द्वारा ग्रामीणों पर हमला किया जाता है। लिहाजा इसे फैंसिंग कर वन्य जीवों को संरक्षित करने की योजना बनाई जा रही है। चूंकि यह सरगुजा और सूरजपुर दोनों जिलों की सीमा पर स्थित है इसलिए पहले सरगुजा वाले 16 किलोमीटर के पहाड़ को सुरक्षित करने की योजना बनाई गई है। जायजा लेने कांग्रेस नेता विनय शर्मा बंटी सीतापुर जनपद उपाध्यक्ष शैलेश सिंह विनय गुप्ता सहित काफी संख्या में ग्रामीण जनप्रतिनिधि व वन अधिकारी मौजूद थे।

यहां मौजूद है लक्ष्मण पांव, होगा विकसित

इसी पहाड़ पर ऐतिहासिक लक्ष्मण पांव स्थित है। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की टीम ने लगभग 10 किलोमीटर दूर पहाड़ी पर स्थित लक्ष्मण पांव का भ्रमण किया और इसे विकसित करने व व्यवस्थित करने की योजना भी बनाई है। हालांकि यह क्षेत्र राम वन पथ गमन में शामिल है। लक्ष्मण पांव को लेकर ग्रामीणों की धार्मिक आस्था भी इस पहाड़ से है।

दो गांव से पहुंचा जा सकता है पहाड़ पर

पिलखा का पहाड़ पर सरगुजा की तरफ से दो गांव से होकर पहुंचा जा सकता है। इसमें ग्राम पंचायत बकिरमा से होते हुए पहाड़ की ओर जाया जा सकता है और दूसरा इलाका कोलडीहा गांव का है जहां से पहाड़ की ओर जाया जा सकता है। इन दोनों गांव में पहाड़ से बड़ी संख्या में भालू व जंगली सुअर उतरते हैं और फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं। इस कारण इस क्षेत्र के लगभग 16 किलोमीटर इलाके को पूरी तरह फेंसिंग कर सुरक्षित किया जाएगा ताकि वन्य जीव नीचे न उतर सके।

जल स्रोतों को भी करेंगे विकसित

पिलखा पहाड़ क्षेत्र में प्राकृतिक जल स्रोत भी हैं। इन जल स्रोतों को भी विकसित किया जाएगा। यहां पानी की सुविधा होने पर और भी हरियाली लाई जा सकती है। जल स्रोतों के विकसित होने से वन्य जीवों को भी पानी के लिए भटकना नहीं पड़ेगा और वन्यजीव पहाड़ पर ही रह सकेंगे। पानी की तलाश में बस्ती की ओर नहीं आएंगे और न मानव से संघर्ष होगा।

एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए होगा बेहतर क्षेत्र

इस पहाड़ में वर्षों से एनसीसी, स्काउट, गाइड से जुड़े छात्र ट्रेकिंग पर जाते रहे हैं। पहाड़ की ऊंचाई काफी अधिक है और यह पूरा क्षेत्र 35 किलोमीटर पर फैला है। सरगुजा क्षेत्र में 16 किलोमीटर का पहाड़ आता है। वर्षों से यहां ट्रैकिंग करने छात्र जाते हैं। इसलिए इसे ट्रेकिंग के लिहाज से भी विकसित करने की योजना बनाई गई है। भविष्य में यहां एडवेंचर स्पोर्ट्स भी हो सकेगा।

बना रहे हैं पायलट प्रोजेक्ट-डीएफओ पंकज कमल

सरगुजा वन मंडल अधिकारी पंकज कमल ने बताया कि अंबिकापुर शहर के करीब यह पहाड़ इको टूरिज्म के हिसाब से विकसित हो सकता है। यहां ग्रामीणों को रोजी रोजगार भी मिल सकता है क्योंकि यहां काफी संख्या में वन्य जीव हैं। इसलिए कई बार संघर्ष की स्थिति बनती है। इसे हमने जनप्रतिनिधियों की पहल पर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लिया है क्योंकि दो वन मंडल से यह पहाड़ जुड़ा है। इसलिए समन्वित प्रयास से ही यह इलाका विकसित हो सकता है। यह हमारा बड़ा प्रोजेक्ट है। आने वाले दिनों में पिलखा पहाड़ निश्चित रूप से पर्यावरणीय पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनेगा।

Posted By: Himanshu Sharma

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस