अंबिकापुर।(नईदुनिया प्रतिनिधि)। नगर निगम के गैर जिम्मेदाराना कार्यशैली से नागरिक खासे परेशान हैं। एक तो ठेकेदार की लापरवाही से मानसून के पहले सड़कों का डामरीकरण नहीं हो पाया और अब सड़क पर कई जगह डबरी की तरह पानी जमा है जो इस वर्षा काल में लोगों के लिए मुसीबत का कारण बन गया है।शहर के कई प्रमुख मार्गों में बड़े-बड़े गड्ढों में जिस तरह पानी भरा हुआ है उसे निकासी करने की भी कोई योजना नगर निगम नहीं बना रहा है।नगर की छोटी-छोटी समस्याओं पर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों का जरा भी ध्यान नहीं है।नागरिक सड़क पर चलते समय इन छोटी-छोटी परेशानियों को लेकर नगर निगम कोस रहे हैं। इधर तीन दिन से नगर निगम में पदस्थ आइएएस आयुक्त विजय दयाराम को बलरामपुर कलेक्टर बना दिया गया है।उनके जाने के बाद नगर निगम में एक बार फिर अधिकारी कर्मचारियों का खुला राज हो गया है। इन्हें नागरिकों की परेशानी से कोई सरोकार ही नहीं। नगर निगम क्षेत्र में अलग-अलग जोन बनाया गया है जिसका प्रभारी भी निगम के अभियंताओं को बनाया गया है ताकि उस क्षेत्र के समस्त निर्माण कार्य और क्षेत्र के समस्याओं से अवगत हो सकें। शहर के कई सड़कों की हालत अभी भी खराब है। गर्मी भर जानलेवा बने गढ्ढो पर लोग चलने मजबूर थे अब उस गड्ढे में वर्षा जल भर जाने से मुसीबत बढ़ गई है।नगर के चांदनी चौक से घुटरापारा-खैरवार मार्ग में कई जगह सड़क पर पानी जमा है। उसकी निकासी का कोई प्रबंध नहीं किया जा रहा है। अधिकारियों के साथ नगर निगम के जनप्रतिनिधि भी लापरवाह हो गए हैं।

बीच शहर का देवीगंज मार्ग अब जानलेवा

बीच शहर का देवीगंज मार्ग वर्षा काल में जानलेवा साबित हो रहा है। महामाया चौक से घड़ी चौक तक 50 से अधिक बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। हाल ही में खानापूर्ति के लिए मलबा लाकर पाटने कोशिश की गई थी जो तेज वर्षा में जस की तस हो गई है। रविवार को देवीगंज मार्ग में जानलेवा गड्ढों में पानी भरा था जिससे आने- जाने वालों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

लापरवाही अभियंताओं की, भोग रहा स्वच्छता अमला

वर्षा काल में शहर में जगह-जगह जलभराव की समस्या भी उत्पन्ना हो गई है। सड़क के गड्ढे डबरी में तब्दील हो गए हैं। नालियों के निर्माण में अभियंताओं ने लापरवाही बरती और पानी निकासी की समस्या उत्पन्ना हो गई है। जलजमाव के कारण यहां कचरा और मलबा भर जाता है जिसे निगम के ही स्वास्थ्य व स्वच्छता विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को भुगतना पड़ता है। लापरवाही अभियंताओं की ओर इस वर्षा काल में इसका खामियाजा नागरिकों के साथ निगम के स्वास्थ्य और स्वच्छता विभाग के कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है।

मानसून से पहले ठेकेदार नहीं कराया सड़क का निर्माण-

लंबे समय से अंबिकापुर नगर निगम क्षेत्र की सड़कों की खस्ता हालत को देखते हुए राज्य शासन ने सात करोड़ की राशि उपलब्ध कराई थी जिसका टेंडर मार्च महीने में ही हो गया था। टेंडर के बाद 15 जून से पहले शहर के सभी सड़कों का डामरीकरण और मरम्मत कार्य कर दिया जाना था किंतु जिस ठेकेदार को शहर की सड़कों की मरम्मत करने जिम्मेदारी मिली उसने इतनी लापरवाही बरती की शहर की अधिकांश सड़कें बन नहीं पाई। विडंबना तो यह है कि उक्त लापरवाह ठेकेदार पर नगर निगम के जनप्रतिनिधि और अधिकारियों ने किसी तरह की कार्रवाई नहीं की। ठेकेदार की लापरवाही का खामियाजा शहर के नागरिक भुगत रहे हैं। ऐसे ठेकेदारों को काली सूची में डालने की जरूरत है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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