अंबिकापुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)।

सेना मेडल से सम्मानित भारत की पहली महिला सैन्य अधिकारी सैनिक स्कूल अंबिकापुर की प्राचार्य कर्नल मिताली मधुमिता ने कौन बनेगा करोड़पति में प्राप्त राशि आर्मी वेलफेयर फंड में दान करने की घोषणा की है।आजादी के अमृत महोत्सव के दौरान कौन बनेगा करोड़पति के 14 वें सीजन के पहले एपिसोड के लिए कर्नल मिताली मधुमिता के साथ कारगिल के वीर योद्घा मेजर डीपी सिह (सेवानिवृत्त) को विशेष अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया था।इन दोनों ने 50 लाख की इनामी राशि जीती है।

छत्तीसगढ़ का एकमात्र सैनिक स्कूल अंबिकापुर एक बार फिर से राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया है। राष्ट्रीय रक्षा अकादमी(एनडीए)की परीक्षा में हर वर्ष यहां के कैडेट सफलता अर्जित कर राष्ट्रीय स्तर पर स्कूल का नाम गौरवांवित करते हैं लेकिन इस बार सैनिक स्कूल अंबिकापुर स्कूल की प्राचार्य कर्नल मिताली मधुमिता सेना मेडल के कारण चर्चा में आया है।प्राचार्य को कौन बनेगा करोड;पति के लिए आमंत्रित किया गया था।

स्वतंत्रता के 75वें वर्ष को समर्पित तथा रविवार को प्रसारित होने वाले कौन बनेगा करोड;पति के विशेष एपिसोड आजादी के गर्व का महोत्सव में कर्नल मिताली मधुमिता सेना मेडल कार्यक्रम के प्रस्तुतकर्ता एवं बालीवुड के मेगा स्टार अमिताभ बधान के सामने हाट सीट पर नजर आई। इस विशेष एपिसोड के लिए कर्नल मिताली मधुमिता सेना मेडल एवं कारगिल के वीर योद्घा मेजर डीपी सिह (सेवानिवृत्त) को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था। इस दौरान कर्नल मिताली मधुमिता, सेना मेडल के साथ हाट सीट पर उनके साथी बने अभिनेता आमिर खान। कर्नल मिताली ने बताया कि उनकी द्वारा जीती गई सारी धनराशि आर्मी वेलफेयर फण्ड को दान कर दी जाएगी।

कार्यक्रम के दौरान प्राचार्य कर्नल मिताली मधुमिता सेना मेडल एवं आमिर ख;ान की जोड;ी ने बखूबी खेलते हुए खेल का प्रथम चरण(चालीस हजार इनामी राशि) सफलता के साथ पार कर लिया। इसके पश्चात खेल के नियम के अनुसार आगे का खेल खेलने के लिए मेजर डीपी सिंह (सेवानिवृत्त) को हाट सीट पर बुलाया गया और उन्होंने खेल को अगले चरण (50 लाख) तक पहुंचाया। सैनिक स्कूल अंबिकापुर के कैडेटों और अधिकारी-कर्मचारियों के विशेष अनुरोध पर सैनिक स्कूल अंबिकापुर के प्रेक्षागृह में कौन बनेगा करोड;पति का यह विशेष एपिसोड बड;े परदे पर प्रदर्शित किया गया।स्कूल के कैडेटों ने इस क्षण को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि हमें भारतीय रक्षा सेनाओं, सैनिक स्कूल अंबिकापुर एवं प्राचार्य कर्नल मिताली मधुमिता सेना मेडल पर गर्व है। साथ ही साथ यह अंबिकापुर एवं सरगुजा के लिए भी गौरव का विषय है जबकि राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में यहां के सैनिक स्कूल को प्रतिनिधित्व मिल रहा है।

काबुल में 19 लोगों की प्राणरक्षा के लिए मिला है सेना मेडल

खेल के दौरान आमिर खान के द्वारा पूछे जाने पर प्राचार्य ने बताया कि फरवरी 2010 में जब वे काबुल में अंग्रेजी भाषा के प्रशिक्षक के रूप में तैनात थीं तो भारतीय दूतावास पर आतंकवादी हमला हुआ था। कर्नल मिताली मधुमिता सेना मेडल ने स्वयं पहल करके वहां उपस्थित अफगान नागरिकों की सहायता से भीषण गोलीबारी के बीच कुल 19 लोगों की जान बचाई, जिनमें अफगानी नागरिक भी शामिल थे। शत्रु के समक्ष अपने इस अनुकरणीय साहस एवं वीरतापूर्ण कृत्य के लिए उन्हें 2011 में राष्ट्रपति के हाथों सेना मेडल से सम्मानित किया गया। यह भारतीय सेना के इतिहास में पहला मौका था जब यह सम्मानित वीरता पुरस्कार किसी महिला सैन्य अधिकारी को दिया गया।

केबीसी के मंच से भारत माता के लगे जयकारे

कर्नल मिताली मधुमिता के साहस से जुड़ी पूरी घटना सुनकर अभिताभ बधान, आमिर खान व उपस्थित दर्शकों ने खड;े होकर प्राचार्य कर्नल मिताली मधुमिता सेना मेडल के अदम्य साहस और वीरता को प्रणाम करते हुए बुलंद भारत की बहादुर बेटी ' कर्नल मिताली मधुमिता सेना मेडल की बहादुरी को सलाम किया व देर तक भारत माता की जय के नारे कौन बनेगा करोड़पति ( केबीसी) के मंच पर गूंजते रहे।

भारत की पहली महिला सैन्य अधिकारी जिन्हें मिला सेना मेडल

कर्नल मिताली मधुमिता युद्घ काल में प्रदान किए जाने वाले प्रतिष्ठित वीरता पुरस्कार 'सेना मेडल' प्राप्त करने वाली भारत की पहली महिला सैन्य अधिकारी हैं।वे भारतीय सेना में साहस के लिए जानी जाती है।उनकी वीरता को देश के अलग-अलग क्षेत्रों में पदस्थ सेना के अधिकारियों ने नजदीक से देखा है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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