अंबिकापुर। एक महिला जब गर्भवती होती है तो घर के लोग उसे सारे कामकाज से दूर कर देते हैं। मेहनत और ज्यादा चलने फिरने की मनाही हो जाती है, लेकिन एक जुझारू और परोपकारी एक महिला इन सब बातों को दरकिनार कर कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने जरूरतमंद लोगों के लिए निशुल्क मास्क बनाने के काम में जुटी हुई है। इस हालत के बावजूद वह रोज 5 से 6 घंटे सिलाई मशीन में बैठकर लोगों के लिए मास्क बना रही है।

रेलवे में पदस्थ पति के सहयोग से घर में बने मास्क को अंबिकापुर से लेकर बिजुरी के बीच जरूरतमंद लोगों को बांटा जा रहे है। मूलतः सैनिक स्कूल में आर्ट टीचर के रूप में पदस्थ निधि दास पिछले 8 दिनों से मास्क बनाने में जुटी हुई है। नई दुनिया से चर्चा में उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले जब पति सूरजपुर में ड्यूटी करने निकले तो उन्होंने घर में बनाए हुए मास्क उन्हें पहनने के लिए दिए।

ड्यूटी के लिए उनके पति सूरजपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे तो वहां उनके सहकर्मियों ने मास्क के बारे में पूछा और उसकी क्वालिटी की बहुत तारीफ की, तब उनके पति ने बताया कि उनकी पत्नी द्वारा से घर में बनाया गया है। इसके बाद उनके सहकर्मियों ने इसी तरह मास्क बनाने की मांग की।

लॉक डाउन के कारण सभी दुकानें बंद होने के बावजूद उनके पति ने सूरजपुर में किसी तरह एक दुकान से कपड़े और रबर खरीदें और इस सामग्री को घर लाकर अपनी पत्नी निधि दास को मास्क बनाने के लिए दिए और इस तरह उनके घर में मास्क बनाने की पहल शुरू हुई जो निरंतर अभी तक जारी है

निधि दास ने बताया कि वह रोज कई घंटे मास्क बनाने में समय दे रही हैं। अभी तक करीब वो करीब 550 मास्क बना चुकी है। सैनिक स्कूल अंबिकापुर में उन्होंने अभी तक वहां के स्वास्थ्य कर्मियों, सफाई कर्मियों, स्कूल के स्टाफ के अलावा वहां स्थित सीआरपीएफ कैंप के करीब 60 जवानों के लिए मास्क बना कर दिए हैं।

Posted By: Sandeep Chourey

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