अंबिकापुर। डिप्लोमा इन मेडिकल लेबोरेटरीज टेक्नोलाजी (डीएमएलटी) पाठ्यक्रम के नाम पर विद्यार्थियों से बड़ी रकम लेने के बावजूद प्रमाण पत्र नहीं दिए जाने के मामले में बलरामपुर पुलिस ने एके टेक्निकल हेल्थ रिसर्च सेंटर नामक संस्थान के संचालक अनुज गुप्ता के खिलाफ धोखाधड़ी और गाली गलौज किए जाने की धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। आरोप है कि कई विद्यार्थियों को झांसा देकर उसने 70-70 हजार रुपये वसूल किए। दो वर्षों तक विद्यार्थियों ने पढ़ाई भी की लेकिन अब किसी प्रकार का कोई प्रमाण पत्र नहीं दिया जा रहा है शिकायत करने पर गाली गलौज और जान से मारने की धमकी दी जाती है।

बलरामपुर पुलिस अधीक्षक रामकृष्ण साहू द्वारा प्रति सप्ताह आयोजित किए जाने वाले जन चौपाल में धोखाधड़ी के शिकार हुए विद्यार्थियों द्वारा लिखित शिकायत दर्ज कराई गई थी। एसपी ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जांच और कार्रवाई का निर्देश दिया था। बलरामपुर पुलिस द्वारा शिकायत की जांच में पाया गया कि दामोदरपुर तातापानी निवासी अनुज गुप्ता द्वारा सन् 2018 में एके टेक्निकल एजुकेशन हेल्थ रिसर्च सेंटर हस्पिटल रोड बलरामपुर में आरंभ किया गया था।

यहां डीएमएलटी पाठ्यक्रम में जिले भर के विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया था।उस दौरान अनुज गुप्ता के द्वारा बताया गया था कि एके टेक्निकल इंस्टीयूट हेल्थ रिसर्च सेन्टर की संबद्धता सर्वपल्ली राधाकृष्ण विश्वविद्यालय भोपाल मध्यप्रदेश से है। यह संस्थान विश्वविद्यालय से मान्यता प्राप्त है।डीएमएलटी पाठ्यक्रम दो वर्ष का है।पढ़ाई के बाद उसने नौकरी का झांसा दिया था। दो वर्ष का पाठ्यकरण करने पर हर साल 41 हजार रूपये फीस प्रबंधन के समक्ष जमा करने का प्रावधान था।70 हजार तक दो वर्ष का शुल्क भी स्वीकार्य किया जा रहा था।

आरोप है कि वर्ष 2019 में ही अधिकांश विद्यार्थियों ने पढ़ाई पूरी कर ली लेकिन प्रमाण पत्र नहीं दिया गया।आरोपित अनुज गुप्ता के मोबाइल पर संपर्क करने पर उसके द्वारा विद्यार्थियों से अपमानजनक व्यवहार किया जाता है। विद्यार्थियों ने सर्वपल्ली राधाकृष्ण विश्वविद्यालय भोपाल मध्यप्रदेश में जाकर अंकसूची मांग की तो संस्था के अधिकारियों के द्वारा बताया गया कि अनुज गुप्ता के द्वारा विश्वविद्यालय में शुल्क जमा नही किया गया है। बलरामपुर से संस्था स बंद कर रामानुजगंज, वाड्रफनगर, रघुनाथनगर में अपनी शाखा खोलकर रखा है।

संस्थान के झांसे में बड़ी संख्या में विद्यार्थी आए हैं इन सभी की जानकारी पुलिस को दी गई है। पुलिस अधीक्षक रामकृष्ण साहू के निर्देश पर जांच में आरोप सही पाए जाने पर संस्था संचालक के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया गया है बताया जा रहा है कि 60 से 70 विद्यार्थी इस धोखाधड़ी का शिकार हुए है।

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Posted By: Yogeshwar Sharma

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