अंबिकापुर । नईदुनिया प्रतिनिधि

संयुक्त खाते की भूमि के दस्तावेजों में कूटरचना कर बटांकन तथा शासन से मिले 10 वर्ष की लीज को 40 वर्ष करने के मामले में धौरपुर पुलिस ने कुंडलासिटी निवासी दो सगे भाई रमेश कुमार मित्तल व नरेश कुमार अग्रवाल के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना व आपराधिक षड़यंत्र का मामला कायम किया है। रमेश कुमार मित्तल के खिलाफ धौरपुर थाने में लगभग छह माह पूर्व भी फर्जी पिट पास जारी कर शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाने के आरोप पर अपराध दर्ज किया गया था। उक्त मामले में अभी तक पुलिस द्वारा उसकी गिरफ्तारी नहीं की जा सकी है और दूसरा मामला सामने आ गया है।

मायापुर निवासी विवेक गोयल पिता अर्जुन दास अग्रवाल ने कलेक्टर सरगुजा से लिखित शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके संयुक्त स्वामित्व एवं आधिपत्य की भूमि ग्राम चंगोरी पटवारी हल्का नंबर एक तहसील लुंड्रा में खसरा क्रमांक 239, रकबा 2.340 हेक्टेयर भूमि है। यह भूमि विवेक अग्रवाल पिता अर्जुन दास अग्रवाल, राहुल गोयल पिता कवल कन्हैया अग्रवाल तथा रमेश मित्तल पिता वेदप्रकाश अग्रवाल के नाम पर दर्ज है। उपरोक्त भूमि में आरोपित रमेश कुमार मित्तल व उसके भाई नरेश अग्रवाल द्वारा षड़यंत्रपूर्वक व बिना संयुक्त खातेदारों की सहमति के शासकीय दस्तावेजों में कूटरचना की गई थी। वर्तमान में प्रार्थी विवेक गोयल द्वारा कुल 2.340 हेक्टेयर भूमि में से एक हेक्टेयर भूमि पर खनिज उत्खनन हेतु खनिज विभाग से लीज पट्टा प्राप्त है। उनके द्वारा उक्त स्थल पर खनिज उत्खनन कार्य व क्रशर प्लांट संचालित किया जाता है। कलेक्टर को प्रस्तुत शिकायत में आरोप लगाया गया था कि संयुक्त स्वामित्व की जमीन के हिस्सेदार रमेश कुमार मित्तल पिता वेद प्रकाश अग्रवाल द्वारा अपने भाई रमेश अग्रवाल के साथ मिलकर फर्जी नजरी नक्शा, बी वन तैयार कर राजस्व रिकार्ड में कूटरचना कर लाभ के लिए खसरा नंबर 239 को बटांकन कर खसरा नंबर 239/2 कर दिया तथा पूर्व में खसरा नंबर 239 के भूमि को खनिज उत्खनन हेतु 10 वर्ष की लीज अवधि को कूटरचित कर 40 वर्ष कर दिया गया था। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर सरगुजा द्वारा तहसीलदार लुंड्रा से पूरे प्रकरण की जांच करवाई गई। तहसीलदार व राजस्व निरीक्षक धौरपुर द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन से स्पष्ट हुआ कि प्रार्थी द्वारा की गई शिकायत सत्य व सही है। खसरा क्रमांक 239 को कूटरचित कर दोनों भाइयों द्वारा 239/2 का बटांकन एवं 10 वर्ष की लीज को 40 वर्ष कर दिया गया है। जांच प्रतिवेदन के आधार पर प्रार्थी विवेक गोयल द्वारा धौरपुर थाने में दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी रमेश मित्तल व उसके भाई नरेश अग्रवाल के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471, 120बी, 34 के तहत अपराध पंजीबद्घ कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।

लंबे समय से फरार है रमेश मित्तल

अंबिकापुर के कुुंडलासिटी निवासी रमेश मित्तल के खिलाफ 31 दिसंबर 2018 को भी धौरपुर थाने में धोखाधड़ी, कूटरचना व आपराधिक षड़यंत्र का मामला दर्ज किया गया था। फर्जी पीटपास के जरिए आरोपित द्वारा गौण खनिज का नियम विरुद्घ तरीके से परिवहन कर शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाई गई थी। मामले के कुछ आरोपितों की गिरफ्तारी तो हुई, लेकिन मुख्य सूत्रधार रमेश मित्तल को अभी तक पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी। आरोप है कि है। धोखाधड़ी और आपराधिक षड़यंत्र का एक और मामला आरोपिता के खिलाफ दर्ज किए जाने के बाद पुलिस दावा कर रही है कि उसकी गिरफ्तारी की हर संभव कोशिश की जा रही है।