अंबिकापुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। राजमाता देवेंद्र कुमारी सिंह देव मेडिकल कालेज अंबिकापुर में स्नातकोत्तर की पढ़ाई का रास्ता साफ होता जा रहा है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी)ने मेडिकल कालेज प्रबंधन को लेटर आफ इंटेंट(एलओआई) यानि आशय पत्र जारी कर दिया है। कुल नौ विभागों में 29 सीटों पर एनएमसी ने आशय पत्र जारी किया है। इस आशय पत्र को आधार बनाकर मेडिकल कालेज प्रबंधन ने शपथ पत्र भी प्रेषित कर दिया है कि प्रबंधन एनएमसी के मापदंड के अनुरूप शैक्षणिक गतिविधियां संचालित करने के साथ चिकित्सा क्षेत्र में स्नातकोत्तर की पढ़ाई करने वालों को निर्धारित छात्रवृत्ति का भी भुगतान करेगा। स्नातकोत्तर की पढ़ाई आरंभ करने से पहले एनएमसी द्वारा आशय पत्र ही जारी किया जाता है। इस प्रक्रिया के पूर्ण हो जाने के बाद लेटर आफ परमिशन(एलओपी) अर्थात स्नातकोत्तर की पढ़ाई आरंभ करने अनुमति पत्र जारी की जाएगी। एनएमसी से आशय पत्र मिल जाने के बाद मेडिकल कालेज प्रबंधन उत्साहित है।

कभी फैकल्टी की कमी और अधोसंरचना विकास के अभाव में एमबीबीएस की मान्यता के लिए परेशान होने वाला अंबिकापुर मेडिकल कालेज प्रबंधन सुविधाओं के विस्तार के साथ अभी स्नातकोत्तर की पढ़ाई के लिए पूरी मजबूती के साथ दावेदारी कर रहा है स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव के प्रयासों से मेडिकल कालेज के स्वयं के भवन निर्माण तथा अधिकांश फैकल्टी की पूर्ति के बाद प्रबंधन इस प्रयास में लगा है कि अब यहां सिर्फ एमबीबीएस ही नहीं बल्कि एमबीबीएस के बाद पीजी की पढ़ाई भी पूरी हो सके। मेडिकल कालेज प्रबंधन द्वारा 15 विषयों में 48 सीटों के लिए पीजी की पढ़ाई आरंभ करने की अनुमति देने एनएमसी को आवेदन प्रस्तुत किया गया था। एनएमसी ने इसे स्वीकार कर लिया था। एनएमसी के प्रावधानों के अनुरूप प्रबंधन द्वारा निर्धारित शुल्क भी जमा कर दिए गए थे। 15 में से 13 विषयों का निरीक्षण एनएमसी की टीम पूर्ण कर चुकी है। अब एनएमसी की ओर से पीजी की पढ़ाई के लिए जरूरी प्रक्रिया आरंभ करने का सिलसिला भी शुरू कर दिया गया है। सबसे पहले एनएमसी की ओर से लेटर आफ इंटेंट जारी किया जाता है। मेडिकल कालेज प्रबंधन को नौ विषयों में पीजी के लिए लेटर आफ इंटेंट प्राप्त हो चुका है,इसे आशय पत्र के नाम से जाना जाता है।आशय पत्र मिलने के बाद मेडिकल कालेज प्रबंधन ने नियमों के तहत शपथ पत्र भी प्रेषित कर दिया है। उम्मीद की जा रही है कि अगले शिक्षा सत्र से मेडिकल कालेज अंबिकापुर में पीजी की पढ़ाई भी आरंभ हो जाएगी क्योंकि एनएमसी की ओर से आशय पत्र जारी करने को पीजी की पढ़ाई के लिए अतिमहत्त्‌वपूर्ण माना जाता है।अब तक जितने विभागों का निरीक्षण एनएमसी की टीम कर चुकी है सभी विभागों में बेहतर सुवीधाएँ निरीक्षण के दौरान मिली थी।

क्या है लेटर आफ इंटेंट

आशय पत्र (लेटर आफ इंटेंट) एक दस्तावेज है जो दो या दो से अधिक संस्थाओं, पक्षों के बीच एक समझौते की सामान्य योजनाओं की रूपरेखा तैयार करता है । आशय पत्र में शामिल एक पक्ष या संस्था दूसरे के लिए एक गंभीर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।मेडिकल कालेज के लिए भी यह नियम लागू होता है।लेटर आफ इंटेंट(आशय पत्र) जारी होने के बाद ही मेडिकल कालेज ने एनएमसी के अनुरूप शैक्षणिक गतिविधियां संचालित करने तथा निर्धारित छात्रवृति देने की प्रतिबद्धता शपथ पत्र के माध्यम से प्रस्तुत की है।

मेडिकल कालेज में पीजी की स्थिति

0 15 विभागों में 48 सीटों के लिए आवेदन।

013 विभागों का एनएमसी टीम द्वारा निरीक्षण।

0 नौ विभागों के लिए लेटर आफ इंटेंट(आशय पत्र) प्राप्त हुआ।

0चार विषयों में लेटर आफ इंटेंट की प्रतीक्षा।

0 दो विभाग आर्थोपेडिक और फिजियोलॉजी का निरीक्षण शेष।

0 नौ विभागों में 29 सीटों के लिए लेटर आफ इंटेंट की प्राप्ति।

वर्जन

स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के प्रयासों से मेडिकल कालेज लगातार आगे बढ़ रहा है।पीजी की पढ़ाई के लिए एनएमसी से लेटर आफ इंटेंट प्राप्त होने के बाद प्रबंधन ने शपथ पत्र प्रस्तुत कर दिया है।लेटर आफ परमिशन(एलओपी) मिलने के बाद हम संचालक चिकित्सा शिक्षा को सारी जानकारी भेजेंगे।स्टेट और आल इंडिया कोटा में सीट विभाजन कर काउंसलिंग के माध्यम से सीट आबंटित करेंगे।

डा रमनेश मूर्ति

डीन,मेडिकल कालेज अंबिकापुर

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