अंबिकापुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। तीन दिन पहले शहर के सीमावर्ती क्षेत्र में घुसे जंगली हाथी ने एक व्यक्ति को कुचल कर मार डाला था। रविवार सुबह उसकी क्षत-विक्षत लाश मिली। प्रथम दृष्टया ही हाथी के हमले से मौत की संभावना जताई गई।मृतक की पहचान गाड़ाघाट निवासी प्रकाश केरकेट्टा 42 वर्ष के रूप में की गई है। जंगली हाथी अभी भी शहर सीमा से लगे लालमाटी के आसपास विचरण कर रहा है। रविवार की शाम हाथी, लालमाटी बस्ती में प्रवेश कर गया था, जिससे अफरातफरी के बीच जान बचाने ग्रामीण श्री अवधूत राम बाल भगवान आश्रम में प्रवेश कर गए। सूचना पर वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई। जनहानि रोकने का उपाय किया जा रहा है।

बीते 19 जनवरी 2023 को जंगल से भटक कर एक जंगली हाथी सरगवा में जैव विविधता केंद्र की दीवार गिराने के साथ बांसवाड़ी होते हुए वन अधिकारियों की कॉलोनी में पहुंच गया था। यहां मुख्य वन संरक्षक के बंगले के अहाते की दीवार ढहाने के साथ हाथी अंबिकापुर- रामानुजगंज मुख्य मार्ग को पार कर तकिया रोड और शिकारी रोड के बीच छोटे झाड़ के जंगल में पहुंच गया था।यहां कई घंटे हाथी की उपस्थिति थी। दो दिनों तक हाथी इसी क्षेत्र में विचरण कर रहा था। अंबिकापुर शहर के तकिया रोड, गाड़ाघाट, तकिया बस्ती, खैरवार क्षेत्र में विचरण करने के बाद हाथी को अंबिकापुर- पत्थलगांव राष्ट्रीय राजमार्ग पार करा लुचकी व लालमाटी क्षेत्र में सुरक्षित तरीके से भेजने में वन विभाग को सफलता मिल गई थी। रविवार की सुबह गाड़ाघाट से लगे छोटे झाड़ के जंगल के बीच में स्थित तालाब के पास खैरवार निवासी प्रकाश केरकेट्टा की लाश मिली। उसी स्थान पर हाथी की उपस्थिति थी इसलिए पूरी संभावना जताई जा रही है कि हाथी के हमले से ही ग्रामीण की मौत हुई है।

घटना की सूचना पर वन व पुलिस विभाग के अधिकारी, कर्मचारियों के साथ जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राकेश गुप्ता भी मौके पर पहुंचे।शव देखकर हाथी के हमले से ही मौत की संभावना जताई गई। वन मंडलाधिकारी पंकज कमल ने बताया कि जिस दिन हाथी प्रवेश किया था उसके जाने के बाद वे खुद वन कर्मचारियों के साथ उक्त स्थल तक पहुंचे थे जहां व्यक्ति का शव मिला। उस दिन पूरे क्षेत्र में वन कर्मचारियों ने पैदल भ्रमण भी किया था लेकिन किसी व्यक्ति की लाश नजर नहीं आई थी। उन्होंने बताया कि जिस दिन शहर हाथी में घुसा था, यदि उसी दिन घटना हुई होती तो तीन दिन पूरे हो जाने के कारण शव सड़ने लगता लेकिन ऐसी स्थिति भी नहीं है। हालांकि उन्होंने इस बात से भी इंकार नहीं किया कि हाथी के हमले से व्यक्ति की मौत नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि व्यक्ति का सिर कुचला हुआ है उसकी आंखें बाहर निकली हुई है, इसलिए मौत की असली वजह जानने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि शनिवार शाम को हाथी की उपस्थिति लालमाटी क्षेत्र में थी ऐसे में यह जानने का प्रयास भी किया जा रहा है कि कहीं वही हाथी तो वापस क्षेत्र में नहीं लौट आया या फिर कोई दूसरे हाथी तो नहीं आए हैं।तमाम पहलुओं की जांच की जा रही है उसके बाद ही मौत का स्पष्ट कारण सामने आ सकेगा।

स्वजन और गांव वाले हाथी के हमले से ही मौत की पुष्टि कर रहे हैं। उनका कहना है कि 19 जनवरी से ही मृतक लापता था। उसकी खोजबीन की जा रही थी। वह शराब सेवन का भी आदी था, हालांकि स्वजन की ओर से पुलिस को व्यक्ति के लापता होने की सूचना नहीं दी गई थी।मृतक ससुराल जाने के नाम से घर से निकला था।

लालमाटी बस्ती में घुसा हाथी

जंगली हाथी रविवार की शाम को शहर से लगे लालमाटी बस्ती में घुस गया था। पहाड़ी कोरवा बहुल इस बस्ती में हाथी के प्रवेश करते ही अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया। लोग कच्चे घरों को छोड़कर बच्चों के साथ जान बचाते हुए नजदीक में ही स्थित श्री अवधूत राम बाल भगवान आश्रम में प्रवेश कर गए। आश्रम भवन पक्का है इसलिए वहां ग्रामीणों को सुरक्षित रखा जा सकता है। सूचना पर अंबिकापुर से वन व पुलिस विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई है। जनहानि रोकने का प्रयास किया जा रहा है। आसपास के गांवों में मुनादी भी करा दी गई है। ग्रामीणों को घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी जा रही है।

मृतक को घूमने से मना किया था ग्रामीणों ने

तीन दिन पहले हाथी जब तकिया रोड और शिकारी रोड के बीच गाड़ाघाट के छोटे झाड़ के जंगल में घुसा था। उस दौरान आस-पास के गांव में वन विभाग ने मुनादी करा दी थी। लोगों को सतर्क रहने समझाइश दी जा रही थी। बताया जा रहा है कि उसी दौरान मृतक प्रकाश केरकेट्टा घर से निकला था। गांव वालों ने उसे सतर्क रहने की समझाइश भी दी थी। जिस छोटे झाड़ के जंगल में हाथी की उपस्थिति थी, उस ओर न जाने की सलाह भी दी गई थी। उसके बाद से ही प्रकाश का कोई पता नहीं चल पा रहा था। रविवार की सुबह लोगों ने उसकी लाश देखी तब वन विभाग को सूचना दी गई। शव जिस तरीके से पड़ा था वैसी स्थिति हाथी के हमले से होने वाली मौतों में ही देखा जाता है।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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