खबर पर नजर

अंबिकापुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

बरसात में मरम्मत के नाम पर दर्रीपारा प्राथमिक पाठशाला की छत उजाड़ देने से बच्चों के समक्ष उत्पन्न समस्याओं को देखते हुए नईदुनिया द्वारा खबर प्रकाशित किए जाने का असर यह हुआ कि रविवार अवकाश के दिन भी शीट लगाने का काम शुरू करा दिया गया। एक-दो दिन में यह काम पूरा हो जाने के बाद स्कूल प्रबंधन के समक्ष उत्पन्न समस्या दूर हो जाएगी। जबतक काम पूरा नहंी हो जाता, तबतक विकासखंड शिक्षाधिकारी द्वारा सुबह की पाली में स्कूल के बगल में स्थित नगर निगम के सामुदायिक भवन में कक्षाएं लगाने का निर्देश पहले से ही जारी कर दिया गया है।

अंबिकापुर के दर्रीपारा मोहल्ले का प्राथमिक पाठशाला जर्जर हो चुका था। पिछले दो-तीन वर्षों से बरसात के सीजन में स्कूल संचालन में दिक्कतें आ रही थी। खप्परपोश मकान में बारिश का सारा पानी कमरों में भर जाता था। दीवारों में दरार से हमेशा हादसे का भय बना रहता था। स्कूल भवन के सामने मैदान से नीचे होने से वहां जमा होने वाला पानी भी कमरों में प्रवेश कर जाता था। बारिश के सीजन में छुट्टी करने के अलावा स्कूल प्रबंधन के समक्ष कोई दूसरा उपाय नहीं रहता था। इस समस्या को देखते हुए निगम प्रशासन ने लगभग डेढ़ दशक बाद शाला भवन के मरम्मत की पहल तो शुरू की, लेकिन वक्त का ख्याल नहीं रखा गया था। जून के दूसरे पखवाड़े में काम शुरू किया गया। छत उजाड़कर छोड़ देने से कक्षाएं लगाना मुश्किल हो रहा था। स्कूल प्रबंधन के समक्ष पेड़ के नीचे कक्षाएं लगाने की मजबूरी आ गई थी। शिक्षा व्यवस्था में इस मनमानी व दूरावस्था को लेकर नईदुनिया ने व्यवस्था में सुधार के लिए मुहिम चलाई तो इसका असर रविवार को अवकाश के दिन देखने को मिला। लगभग पखवाड़े भर से बंद हुआ काम रविवार को शुरू हुआ। छत में नई शीट लगाने का काम शुरू हो जाने से विभागीय अधिकारियों के साथ स्कूल प्रबंधन ने भी राहत की सांस ली है। बताया गया कि एक-दो दिन में शीट लगाने का काम पूरा हो जाएगा। साफ-सफाई के बाद पूर्व की तरह स्कूल की कक्षाएं लगने लगेंगी।

बीईओ ने सुबह की पाली में स्कूल लगाने दिया है निर्देश

शाला भवन की बदहाली को लेकर नईदुनिया द्वारा खबर प्रकाशन के बाद अंबिकापुर विकासखंड शिक्षाधिकारी एसडी पाण्डेय शनिवार सुबह खुद विद्यालय पहुंचे थे। उन्होंने शाला भवन की बदहाली को देखकर व्यवस्था बनाई है कि जबतक मरम्मत का काम पूरा नहीं हो जाता, तबतक बगल के सामुदायिक भवन में सुबह की पाली में दर्रीपारा प्राथमिक पाठशाला की कक्षाओं का संचालन किया जाएगा। उम्मीद है कि 10 दिनों में पूरा काम हो जाएगा।

दीवारों का मरम्मत भी है जरूरी

दर्रीपारा प्राथमिक पाठशाला भवन के छत का मरम्मत तो कराया जा रहा है। यह काम कब पूरा होगा यह अभी तय नहीं है, लेकिन भवन की दीवारें भी पूरी तरीके से जर्जर हो चुकी हैं। जगह-जगह दरार आ जाने से हादसे का भय भी बना रहता है। फर्श भी टूट चुका है। सिर्फ छत मरम्मत के अलावा दीवारों को मजबूत करने के साथ कमरों का फर्शीकरण कराया जाना भी जरूरी है। यदि यह काम हो जाता तो वहां विद्यार्थियों को पढ़ाई में सुविधा होती।