अंबिकापुर(नईदुनिया न्यूज)। केंद्र सरकार के समान 34% महंगाई भत्ता तथा गृह भाड़ा भत्ता दिए जाने की मांग को लेकर अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन ने 22 अगस्त 2022 से छत्तीसगढ़ प्रदेश में अनिश्चितकालीन काम बंद कलम बंद हड़ताल का ऐलान किया है। सरगुजा जिले में आंदोलन को सफल बनाने अभी से ही तैयारियां शुरू कर दी गई है। फेडरेशन के पदाधिकारी और सदस्य विभिन्ना शासकीय कार्यालयों में पहुंचकर अधिकारी, कर्मचारियों से हड़ताल में शामिल होने अवकाश पर जाने का आवेदन पत्र भरवा रहे हैं ताकि किसी प्रकार की कोई दिक्कत ना आए और ज्यादा से ज्यादा अधिकारी, कर्मचारियों की सहभागिता अनिश्चितकालीन हड़ताल में रहे।कर्मचारी, अधिकारी फेडरेशन के पदाधिकारी, सदस्यों ने गुरुवार को आदिवासी विकास विभाग, महिला बाल विकास विभाग, जिला पंचायत, राजस्व विभाग, वित्त विभाग, कोषालय, खनिज, , कृषि, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना , अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कार्यालय, तहसील कार्यालय सहित अन्य कार्यालयों का भ्रमण कर अधिकारी, कर्मचारियों से आंदोलन में शामिल होने अवकाश का आवेदन पत्र भरवाया। फेडरेशन के पदाधिकारियों ने कहा कि राज्य सरकार, अधिकारी- कर्मचारियों के हितों की अनदेखी कर रही है पिछली बार पांच दिवसीय क्रमिक धरना प्रदर्शन किया गया लेकिन राज्य सरकार की ओर से केंद्र के समान महंगाई भत्ता और गृह भाड़ा भत्ता दिए जाने को लेकर किसी प्रकार की कोई चर्चा नहीं की गई। केंद्र के समान महंगाई भत्ता नहीं मिलने से प्रत्येक कर्मचारी को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। राज्य सरकार ने आंदोलन को देखते हुए महंगाई भत्ता बढ़ाने का जो निर्णय लिया है वह अत्यंत कम है। फेडरेशन की मांग है कि केंद्र के समान छत्तीसगढ़ में भी सभी अधिकारी,कर्मचारियों को महंगाई भत्ता दिया जाए। फेडरेशन के आह्वान पर सभी विभागों के अधिकारी- कर्मचारी 22 अगस्त से अनिश्चितकालीन काम बंद, कलम बंद हड़ताल पर जाने आवेदन पत्र प्रस्तुत कर रहे हैं। सभी आवेदनों को एकत्रित कर संबंधित विभाग प्रमुखों के पास भेज दिया जाएगा। आंदोलन को सफल बनाने में कौशलेंद्र पाण्डेय संभागीय अध्यक्ष, कमलेश सोनी जिला संयोजक, अजीत सिंह, दुर्गेश सिन्हा, दीपक श्रीवास्तव, आलोक सिंह, अनिल तिवारी, नितेश पाण्डेय, सुनील तिवारी, मनीष मेहता, नवीन केशरी लगे हुए हैं। फेडरेशन के पदाधिकारी शासकीय कार्यालयों में जाकर अधिकारी, कर्मचारियों से व्यक्तिगत रूप से भी संपर्क कर रहे हैं। पिछली बार पांच दिन के हड़ताल में केंद्र के समान महंगाई भत्ता के लिए सरगुजा जिले के अधिकारी, कर्मचारियों ने एकजुटता का प्रदर्शन किया था वही एकजुटता इस बार भी आंदोलन में दिखाने का आह्वान फेडरेशन के पदाधिकारियों ने किया है।

आंदोलन वापस लेना फेडरेशन की चूक

छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष मनोज वर्मा ने कहा है कि शासन द्वारा छह प्रतिशत महंगाई भत्ता जारी किया गया है, जबकि कर्मचारियों का 12 प्रतिशत महंगाई भत्ता लंबित है।शासन ने छह प्रतिशत महंगाई भत्ता की डंडी मार ली है।उन्होंने आरोप लगाया कि शासन के अधिकारी बिचौलिये की तरह काम कर रहे है।छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन, शालेय शिक्षक संघ, नवीन शिक्षक संघ द्वारा 25 जुलाई से दो सूत्रीय मांग देय तिथि से लंबित मंहगाई भत्ता व देय तिथि से गृह भाड़ा भत्ता को सातवें वेतन के आधार पर पुनरीक्षित करने की मांग को लेकर अनिश्चित कालीन आंदोलन किया गया था, इस समय कर्मचारियों का दबाव सरकार पर सर्वाधिक था, 4.50 लाख कर्मचारियों की इच्छा थी कि फेडरेशन भी अनिश्चितकालीन हड़ताल करे किन्तु फेडरेशन ने 29 जुलाई को अपनी हड़ताल बन्द कर दी, यह फेडरेशन की बड़ी चूक थी, इस समय महासंघ हड़ताल से बाहर ही थे, तब उन्हें कोई अवसर भी नही मिलता।फेडरेशन के वापसी से मांग कमजोर हो गया और हमें भी शिक्षक हित के विषय को भी साथ रखने की भावना के साथ हड़ताल बन्द करना पड़ा।

शिक्षकों ने अभी नहीं लिया है निर्णय

छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष मनोज वर्मा ने कर्मचारी,अधिकारी फेडरेशन द्वारा 22 अगस्त से घोषित अनिश्चितकालीन हड़ताल के सम्बंध में कहा है कि हम फेडरेशन में शामिल नहीं है। इस संबंध में एलबी संवर्ग की मांगों को रखते हुए निष्पक्ष बैनर, सामूहिक नेतृत्व व समान भूमिका वाली टीम बनने पर हड़ताल को सफल बनाने समीक्षा बैठक शीघ्र आयोजित कर रणनीतिक निर्णय लिया जाएगा।

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